Covid-19 Update

2,59,566
मामले (हिमाचल)
2,38,316
मरीज ठीक हुए
3914*
मौत
38,903,731
मामले (भारत)
347,844,974
मामले (दुनिया)

इस लोमड़ी की खूबसूरती देख आप भी कहेंगे, वाह! क्या बात है

कनाडा में पाई जाती है बेहद दुर्लभ मिलैनिस्टिक लोमड़ी

इस लोमड़ी की खूबसूरती देख आप भी कहेंगे, वाह! क्या बात है

- Advertisement -

आप किसी पहाड़ी इलाके में रहते हैं तो आपने लोमड़ी (Fox) भी देखी होगी। इसे जानवरों में सबसे चालाक जानवर (Clever Animal) कहा जाता है। कई बार लोमड़ी को गांवों के आसपास भी देखा जा सकता है। लोमड़ी पतली दुबली सी होती है और रंग भी कोई खास नहीं होता है, लेकिन अभी हाल ही में कनाडा (Canada) में एक ऐसी लोमड़ी को पता चला है, जो बेहद दुर्लभ है। ये लोमड़ी मिलैनिस्टिक (Melanistic) है, क्योंकि इसके शरीर का रंग काला और भूरा है।

जानकार बताते हैं कि इस तरह के रंगों वाले जीव बेहद दुर्लभ होते हैं। जब जानवरों की त्वचा के रंगों के पिगमेंटेशन (Pigmentation) कम होता है, तब इनके शरीर का रंग हल्का या सफेद हो जाता है। उसी तरह त्वचा पर यदि ज्यादा गहरे रंग का पिगमेंटेशन हो तो जानवरों के त्वचा का रंग गहरा होता है, इसीलिए इन जैसे रंगों वाले जानवरों को मिलैनिज्म कहा जाता है। रंग काला और भूरा होने के कारण ये लोमड़ी देखने में बेहद ही खूबसूरत लग रही है। जब भी किसी जानवर के त्वचा का रंग ज्यादा काला होता है तब वो इसी तरह दिखाई देते हैं। इनके फर भी काले होते हैंए लेकिन इस लोमड़ी की खास बात है कि इसमें भूरा रंग भी दिखाई दे रहा है, इसीलिए ये लोमड़ी क्रॉस फॉक्स के नाम से भी बुलाई जाती है।

यह भी पढ़ें: ये है वो महिला जिसकी खूबसूरती पर फिदा हो जाते हैं मर्द,फिर क्यों भाग जाते हैं-बेहद रोचक मामला

ज्यादा शिकार होने से विलुप्त होने के कागार पर

जंगली जीवों के विषय में अध्ययन करने वाले जानकार बताते है कि अब क्रॉस फॉक्स (Cross Fox) आसानी से नहीं दिखाई देती हैं, पुराने समय में इनकी संख्या ज्यादा हुआ करती थी, लेकिन 20वीं शताब्दी की शुरुआत में इनके फरों की मांग ज्यादा होने से इनका शिकार ज्यादा होने लगा और इनकी संख्या घटती चली गई। अब ये जीव लगभग विलुप्ति के मुहाने पर खड़ा है।

सर्वाहारी होती है लोमड़ी

इस प्रजाति की लोमड़ियां बहुत ही चतुर होती हैं। ये किसी का भी खाना खा लेती है, वैसे इन्हें सबसे ज्यादा मांसाहारी खाना ज्यादा पसंद होता है। अगर इन्हें मांसाहारी भोजन नहीं मिलता तो ये फल-फूल भी खा लेती हैं। चूहा (Mouse) इनका पसंदीदा शिकार होता है। ये गड्ढे में घुसे हुए खरगोश (Rabbit) को भी निकाल कर खा लेती हैं। इस प्रजाति की लोमड़ी अपनी मौजूदगी के लिए एक खास तरह का गंध छोड़ती हैं। इस गंध से समूह की सारी लोमड़ियां एक दूसरे को पहचान लेती हैं। ये लोमड़ी इसी गंध के कारण ही दूसरी लोमड़ी की ताकत का अंदाजा लगा लेती हैं और तब तय करती हैं कि लड़ाई लड़नी है या नहीं।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है