Covid-19 Update

2, 85, 014
मामले (हिमाचल)
2, 80, 820
मरीज ठीक हुए
4117*
मौत
43,140,068
मामले (भारत)
528,504,980
मामले (दुनिया)

साबुन का रंग लाल-पीला हो या हरा-नीला, झाग सफेद ही क्यों निकलता है, यहां समझिए

साबुन का झाग सफेद निकलने के पीछे छिपी है साइंस

साबुन का रंग लाल-पीला हो या हरा-नीला, झाग सफेद ही क्यों निकलता है, यहां समझिए

- Advertisement -

नहाते (Taking a Bath) समय आपने कभी गौर किया कि आपके हाथ में लाल, हरा या कोई और रंग का साबुन होने पर भी इसका झाग ( Foam) सफेद क्यों निकलता है। जो रंग साबुन का होता है, वैसा ही रंग झाग का क्‍यों नहीं होता। इसके पीछे भी विज्ञान है, जो बताता है कि ऐसे साबुन (Soap) से हाथ धोने के बाद उसका रंग कहां खो जाता है, जानिए ऐसा क्‍यों होता है।

यह भी पढ़ें:सफेद बालों को काला करने के लिए आज इन चीजों को डाइट में करें शामिल

यह है बड़ी वजह

विज्ञान (Science) कहता है कि किसी भी चीज का अपना रंग नहीं होता। चीजों के रंगीन की दिखने की वजह होती है प्रकाश की किरणें। अगर कोई चीज प्रकाश (Light) की सभी किरणों को अवशोष‍ित कर लेती है तो वह काली दिखती है। वहीं, जब ये प्रकाश की सभी किरणों को परावर्तित कर देती है तो चीज सफेद दिखाई देती है। झाग के मामले में भी ऐसा होता है।

इसके अलावा साबुन में इस्‍तेमाल होने वाली डाई अध‍िक प्रभावी नहीं होती। एथेंस साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक, साबुन का रंग कोई भी हो जब इसका झाग बनता है तो इसमें पानी, हवा और साबुन होता है। यही गोल आकार लेकर बुलबुलों के रूप में दिखते हैं। जब इन पर प्रकाश की किरणें पड़ती हैं तो परावर्तित हो जाती हैं। ऐसा होने पर ये ट्रांसपेरेंट बुलबुले सफेद नजर आते हैं और सबको लगता है कि साबुन के रंग का असर नहीं दिख रहा है।

नदी-समुद्र का पानी भी इसी वजह से होता है नीला

विज्ञान कहता है कि साबुन के झाग से बनने वाले छोटे-छोटे बुलबुले सतरंगी पारदर्शी फिल्‍म (Film) से बने होते हैं, लेकिन ये ट्रांसपेरेंट होते हैं। यह वजह है कि जब इन पर प्रकाश की किरण पड़ती है तो सभी रंग परावर्तित हो जाते हैं। विज्ञान के मुताबिक, जब ऐसा होता है तो वो चीज सफेद नजर आती है। यही वजह है साबुन के हरे या पीले होने के बावजूद झाग सफेद ही निकलता है। यही नियम समुद्र (Sea) और नदियों पर भी लागू होता है।

अक्‍सर आपने देखा होगा कि समुद्र या महासागर (Ocean) नीले रंग में रंगे हुए नजर आते हैं, लेकिन जब आप पास जाकर पानी को देखते हैं तो इसका रंग नीला नहीं होता। दरअसलए पानी में सूर्य किरणों को एब्‍जॉर्ब करने की पावर होती है। दिन के समय जब सूर्य की क‍िरणें पानी पर पड़ती हैं तो प्रकाश से निकलने वाली दूसरे रंग की किरणों को पानी एब्‍जॉर्ब कर लेता है, लेकिन नीले रंग की किरण को परावर्तित कर देता है। प्रकाश के इसी परावर्तन के कारण समुद्र का रंग नीला दिखाई तो देता हैए लेक‍िन हकीकत में यह नीला नहीं होता।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group… 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है