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देवताओं की घर वापसी के साथ 6 दिवसीय रेणुकाजी मेला संपन्न
नाहन। देवताओं की घर वापसी के साथ ही 6 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय रेणुकाजी मेला (Shri Renukaji Mela) सोमवार को संपन्न हो गया। राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल (Governor Shiv Pratap Shukla) ने परंपरा निभाते हुए देवताओं की पालकियों को कंधा देकर विदा किया। इससे पूर्व उन्होंने भगवान परशुराम मंदिर (Parashuram Temple) में पूजा अर्चना करके उनसे आशीर्वाद भी प्राप्त किया।

मेले एवं त्योहार संस्कृति को जोड़ते हैं: राज्यपाल
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि मेले और त्योहार संस्कृतियों को जोड़ने का काम करते हैं और ऐसा वर्षों से होता आ रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल शिक्षा, संस्कृति और समृद्धि के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके बावजूद नशे की बुराई राज्य की समृद्धि पर ग्रहण लगा रही है। उन्होंने लोगों से नशे के खिलाफ मिलकर काम करने का आह्वान किया।

मेले में दिखी सिरमौरी संस्कृति की झलक
रेणुकाजी मेले के समापन पर मंदिर परिसर में पहली बार सिरमौरी महानाटी (Sirmouri Mahanati) का भव्य आयोजन किया गया। जहां हजारों महिलाएं एक साथ थिरकती दिखीं। इस दौरान महिलाओं ने सिरमौरी संस्कृति की झलक पेश की, जिसे दर्शकों ने भी खूब सराहा।

