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Corona Update: 13 स्कूली बच्चों सहित 209 कोरोना पॉजिटिव- जाने पूरी डिटेल
शिमला। हिमाचल में आज कई दिनों बाद स्कूल खुले हैं। लेकिन आज पहले ही दिन स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 13 स्कूली बच्चे कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। हालांकि अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन यह स्कूली बच्चे किन्नौर जिला के निचार के एक स्कूल के बताए जा रहे हैं। हिमाचल में आज कोरोना संक्रमण (corona infection) से किसी की जान नहीं गई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग (Health Department) की रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को प्रदेश में 209 लोग कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) पाए गए हैं। इसी तरह से आज 225 कोरोना संक्रमित पूरी तरह से ठीक हुए हैं। हिमाचल में आज दिन तक 2 लाख 18 हजार 523 लोग कोरोना संक्रमित (corona infected )पाए जा चुके है। जिसमें 2 लाख 13 हजार 124 कोरोना संक्रमित पूरी तरह से ठीक होने में कामयाब हुए हैं। प्रदेश में आज तक 3653 लोगों की कोरोना संक्रमण से जान गई है। वहीं मौजूदा समय में हिमाचल में 1730 एक्टिव केस मौजूद हैं।
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किस जिला से कितने मामले
हिमाचल में आज हमीरपुर जिला सबसे ऊपर रहा। हमीरपुर में 49 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसी तरह से कांगड़ा में 39, मंडी में 36, सोलन में 24, बिलासपुर में 20, शिमला में 14, किन्नौर में 13, कुल्लू में 5, ऊना में 3, सिरमौर में 3 और चंबा में 3 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसी तरह से आज ठीक होने वालों में मंडी में 66, हमीरपुर में 58, कांगड़ा में 53, बिलासपुर में 17, शिमला में 12, ऊना में 9, कुल्लू में 4, किन्नौर में 3, सोलन में 2 और सिरमौर में 1 कोरोना संक्रमित पूरी तरह से ठीक हुआ है। हिमाचल में स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को 9361 लोगों के सैंपल कोरोना जांच का लिए। जिसमें 208 सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जबकि 9116 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई। वहीं 37 सैंपल की रिपोर्ट का अभी इंतजार है।
आईजीएमसी में स्क्रब टाइफस से 21 साल की युवती की मौत
आईजीएमसी (IGMC) में स्क्रब टाइफस से 21 साल की युवती की मौत हो गई। सिरमौर के नौहराधार की रहने वाली इस युवती को 23 सितंबर को दाखिल किया गया था। उसकी हालत काफी गंभीर बनी हुई थी। चिकित्सक युवती पर लगातार निगरानी बनाए रखे थे। लेकिन दो दिनों बाद इसकी मौत हो गई। अब तक अस्पताल में इस बीमारी से चार मरीजों की मौत हो गई हैं। मेडिसन विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि बरसात के मौसम के दौरान लोगों को खेतों व जंगलों में काम करने से जाने से पूर्व सावधानी बरतनी चाहिएए जिससे वह इस पिस्सू की चपेट में आने से बच सके। डॉक्टरों का कहना है कि अगर मरीजों को बुखार संबंधित लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत अस्पताल में उपचार के लिए आएं।
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