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आंखों में आंसू भरकर श्रद्धालुओं ने बयां की मारपीट की पूरी कहानी
ऊना। उत्तर प्रदेश के हाथरस एटा से दंडवत यात्रा पर निकले श्रद्धालु सत्येंद्र यादव और विपिन उपाध्याय के साथ सोमवार देर रात हुई मारपीट की घटना मीडिया और सोशल मीडिया में सामने आने पर पुलिस (Police) ने इन यात्रियों को खोजकर इनके साथ संपर्क किया। गौरतलब है कि श्रद्धालुओं ने इस घटना के संबंध में कोई भी एफ आई आर दर्ज नहीं करवाई थी लिहाजा मीडिया पर इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने स्वत संज्ञान लेते हुए इनके साथ संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी हासिल की। वहीं इन श्रद्धालुओं को पुलिस लाइन झलेड़ा स्थित दुर्गा माता मंदिर में रहने और खाने कोई व्यवस्था भी की। वहीं पुलिस की मदद से श्रद्धालुओं ने ऊना में मिले मारपीट के दर्द से कुछ हद तक राहत महसूस की।
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श्रद्धालुओं से मारपीट की घटना की जानकारी मिलते ही एसपी अर्जित सिंह ठाकुर ने कड़ा संज्ञान लेते हुए पुलिस की टीम को गठित कर फौरन श्रद्धालुओं से संपर्क करने के निर्देश जारी किए। इसी बीच पुलिस लाइन के पास दंडवत यात्रा कर पहुंचे श्रद्धालुओं को पुलिस ने खोज निकाला और उनसे पूरी जानकारी हासिल की। इस दौरान दोनों श्रद्धालु रो पड़े और उन्होंने कहा कि वह सालों से इस यात्रा पर आ रहे हैं, लेकिन कभी भी ऐसा व्यवहार उनके साथ नहीं हुआ। श्रद्धालु सत्येंद्र यादव ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2004 से पैदल यात्रा कर रहे हैं 15 बार पैदल और एक बार दंडवत यात्रा पहले भी कर चुके हैं। लेकिन ऊना में उस रात जिस तरह से उनके साथ मारपीट की घटना हुई वैसा पहले कभी नहीं हुआ था। इतना ही नहीं सत्येंद्र यादव के सार्थक ट्राई साइकिल पर चल रहे दिव्यांग श्रद्धालु विपिन उपाध्याय को भी नशे में धुत्त युवकों ने थप्पड़ जड़ डाले। इतना कहते कि दोनों श्रद्धालु फूट-फूटकर रो पड़े और पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों ने उन्हें ढांढस बंधाया। वहीं पुलिस ने दोनों श्रद्धालुओं को पुलिस लाइंस के साथ दुर्गा माता मंदिर में आश्रय भी प्रदान किया। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के एटा जिले के रहने वाले सत्येंद्र यादव और हाथरस जिला के निवासी विपिन उपाध्याय वर्षों पुराने मित्र हैं और दंडवत यात्रा के तहत वह मां ज्वाला जी और मां कांगड़े वाली बज्रेश्वरी देवी के मंदिर दर्शन के लिए निकले हैं। पुलिस से मिली मदद के बाद दोनों श्रद्धालुओं ने ऊना पुलिस की जमकर प्रशंसा की।
वहीं एसपी ऊना अर्जित सेन ठाकुर ने कहा कि पुलिस को मीडिया के माध्यम से दंडवत यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की घटना का पता चला था जिसके बाद पुलिस ने इन श्रद्धालुओं को खोज कर उनके साथ संपर्क किया था। हालांकि श्रद्धालुओं ने इस घटना के संबंध में कोई भी कार्रवाई करवाने से इनकार कर दिया लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें रात्रि ठहराव के लिए आश्रय दिया और वही साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया है कि उनके साथ भविष्य में ऐसी कोई भी घटना यहां पर नहीं होगी। हालांकि पुलिस अपने स्तर पर श्रद्धालुओं से मारपीट करने वाले आरोपियों को खोज कर चेतावनी भी जारी करेगी।

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