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हिमाचल में बारिश का रौद्र रूप: कांगड़ा में बही गाड़ी, आनी में धंसी जमीन ,बंगाणा व नादौन के शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी
Himachal Weather: हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर तबाही मचाई है। शिमला, सोलन, सिरमौर और मंडी जिलों में बीती शाम और रात हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह लैंडस्लाइड, पेड़ गिरने और जलभराव के कारण राज्य भर में 350 से अधिक सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए ठप हो गई हैं।हालात को देखते हुए ऊना जिले के बंगाणा सब-डिवीजन में आज सभी स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। नादौन में भारी वर्षा को देखते हुए प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं के लिए अवकाश घोषित कर दिया है। उपमंडल अधिकारी (ना.) नादौन निशांत शर्मा की ओर से यह आदेश जारी किया गया है।
कांगड़ा में उफान पर खड्ड, स्थानीय लोगों ने बचाई ड्राइवर की जान
कांगड़ा जिले में नक्की खड्ड बारिश के कारण उफान पर आ गई, जिसके तेज बहाव में एक गाड़ी कुछ दूरी तक बह गई। हालांकि, मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए गाड़ी के ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
आनी में धंसी जमीन, NH 305 और पूरा गांव खतरे में
कुल्लू जिले के आनी उपमंडल की ग्राम पंचायत कमांद के डगसारी गांव से डरा देने वाली खबर सामने आ रही है। बीती रात हुई भारी बारिश के बाद गांव में भयंकर भूस्खलन शुरू हो गया है, जिसकी चपेट में नेशनल हाईवे 305 का एक बड़ा हिस्सा आ गया है। इस भूस्खलन की वजह से डगसारी गांव के निवासी श्री घुंघर मल जी का रसोईघर और पशुशाला पूरी तरह तबाह होने की कगार पर पहुंच गए हैं। जमीन लगातार खिसक रही है, जिससे उनके मकान पर भी बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है।बात सिर्फ डगसारी गांव तक सीमित नहीं है, इस भूस्खलन से निचले हिस्से में बसे कमांद गांव पर भी बहुत बड़ा खतरा बन गया है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि वक्त रहते तुरंत और ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।”
सिरमौर: खदान में लैंडस्लाइड, 3 मजदूरों के दबने की आशंका
सिरमौर जिले के कमरऊ (बागनाधार) में मंगलवार दोपहर बाद करीब 4 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। चूना पत्थर की खदान में अचानक हुए भूस्खलन की चपेट में 2 ट्रक और एक टिप्पर आ गए। इस हादसे में खदान में काम कर रहे तीन मजदूर मलबे के नीचे दब गए।पहाड़ी से लगातार गिरती चट्टानों और मलबे के कारण मंगलवार देर शाम तक राहत एवं बचाव कार्य शुरू नहीं हो सका था। बुधवार सुबह से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है, हालांकि समय बीतने के साथ ही दबे हुए मजदूरों के सुरक्षित बचने की उम्मीदें धुंधली होती जा रही हैं।
शिमला और सोलन में भारी नुकसान
शिमला शहर: राजधानी में जगह-जगह पेड़ और पहाड़ी का मलबा गिरने से 5 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। परवाणू, कसौली, धर्मपुर और सिरमौर के निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश के चलते कई घरों और दुकानों में पानी भर गया, जिससे लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
मौसम विभाग की चेतावनी: आज 7 जिलों में यलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के अनुसार, प्रदेश में अगले चार दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा।आज (बुधवार): हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिले में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।20 अगस्त को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में, 21 अगस्त को कांगड़ा और मंडी जिलों में बारिश का अलर्ट रहेगा। 22 अगस्त को कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि 23 अगस्त से मानसून के कमजोर पड़ने और धूप खिलने की संभावना जताई गई है।
अनु गुप्ता
