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हमने केंद्र से नशे के विरूद्ध की कड़े कानून की मांग: सुक्खू
शिमला। हिमाचल सरकार ने केंद्र से नशे के विरुद्ध और कड़े कानून बनाने की मांग की है, ताकि ड्रग तस्करी (Drug Trafficking) के आरोपियों की संपत्ति जब्त की जा सके। यह बात रविवार को सीएम ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhwinder Singh Sukhu) ने यहां गेयटी थिएटर नशे के विरूद्ध पुलिस विभाग के ‘प्रधाव’ अभियान के अन्तर्गत आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं के विजेताओं को पुरस्कृत करते हुए की।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नारकोटिक्स एक्ट (NDPS Act) को और कड़ा बनाने का मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है, ताकि ड्रग तस्करों की संपत्ति जब्त कर उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जा सके। सीएम ने राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में नशीले पदार्थों से संबंधित मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस समस्या से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए एक समर्पित विशेष कार्य बल बनाने पर विचार कर रही है।

दो आधुनिक नशा मुक्ति केंद्र
प्रदेश सरकार ने राज्य में दो अत्याधुनिक नशा मुक्ति सह पुनर्वास केंद्र (Rehabilitation Center) स्थापित करने की योजना बनाई है। प्रत्येक केंद्र की स्थापना के लिए 50 बीघा भूमि चिन्हित की जा रही है। सीएम ने पुलिस विभाग को और कार्यकुशल बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर बल देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में चार नए पुलिस स्टेशन स्वीकृत किए हैं, जिनमें से तीन कीरतपुर-मनाली फोरलेन राजमार्ग पर और एक कांगड़ा जिले के बीड़ में स्थापित होगा। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) के अध्यक्ष आरएस बाली ने नशे के खिलाफ पुलिस के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग पुनर्वास केंद्रों से ठीक होने वाले व्यक्तियों को आतिथ्य क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। इसका उद्देश्य उन्हें समाज की मुख्यधारा के जोड़ने के लिए उनके कौशल में निखार लाना है। कार्यकारी पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
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