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5 महीने से वेतन न मिलने पर गुस्साए MDM वर्करों ने विधानसभा को घेरा
शिमला। हिमाचल प्रदेश के मिड-डे मील कर्मियों (Mid Day Meal Workers) ने बकाया वेतन की मांग को लेकर शुक्रवार को विधानसभा का घेराव किया। इन कर्मचारियों को बीते 5 महीने से वेतन (Salary Due Since 5 Month) नहीं मिला है। उनका आरोप है कि इतने कम वेतन में, जो कि 5 महीने से बकाया है, वे घर कैसे चलाएंगे? कर्मचारियों ने विधानसभा के बाहर जमकर नारेबाजी भी की।

मिड-डे मील वर्कर संघ की महासचिव हीमी देवी ने बताया कि कर्मचारियों को केवल 3500 रुपए वेतन मिल रहा है। वह भी पिछले 5 महीनों से बकाया है। वे सरकार से सवाल पूछने विधानसभा पहुंचे हैं। मिड-डे मील कर्मचारी कम से कम 375 रुपए की दिहाड़ी के हिसाब से वेतन (Demand Of Per Day Based Salary) मांग रहे हैं। इसके अलावा उनकी मांग है कि उन्हें 10 माह की बजाय पूरे साल का वेतन मिले। हीमी देवी ने कहा कि इस मामले में हाईकोर्ट का फैसला भी उनके पक्ष में आया है. इसके बावजूद सरकार ने कर्मचारियों को सालभर का वेतन देने पर कोई विचार नहीं किया है। उल्टे कर्मचारियों को 5 माह से वेतन ही नहीं मिला है।

छंटनी बंद करे सरकार
हिमी देवी ने कहा कि सरकार MDM कर्मचारियों की छंटनी (Shortlist Of MDM Workers ) कर रही है। जिन स्कूलों में 25 या इससे ज्यादा बच्चे हैं, वहां पर दो MDM वर्कर है। यदि किसी स्कूल में 25 से एक दो बच्चा भी कम हो जाता है तो उस सूरत में MDM को नौकरी से हटाया जा रहा है। इससे 15 से 20 सालों तक स्कूलों में सेवाएं दे रहे MDM वर्कर बेरोजगार हो रहे हैं। उन्होंने सरकार ने छंटनी रोकने, मानदेय जारी करने, सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर छुटि्टयां देने की मांग की है। ऐसा नहीं करने पर उन्होंने सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है।
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