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एफआईयू को जा सकता है हिमाचल में 2000 करोड़ का क्रिप्टो घोटाला
शिमला। हिमाचल प्रदेश के ढाई लाख लोगों को लूटने वाला 2000 करोड़ रुपए का क्रिप्टो घोटाला केंद्र सरकार की एजेंसी फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट (एफआईयू) (Financial Intelligence Unit) के सुपुर्द किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, घोटाले के आरोपियों ने जितने खातों से लेन-देन किया है, उसका पता लगाना SIT के लिए बड़ी टेढी खीर है। एफआईयू का दायरा पूरे देश में वित्तीय लेन-देन (Transactions) पर नजर रखने का होता है। घोटाले की जांच कर रही SIT इससे पहले रिजर्व बैंक (RBI) से लेकर सेबी समेत 8 एजेंसियों को जांच में मदद की गुहार लगा चुकी है।
एसआईटी की मुख्य चुनौती घोटालेबाजों और निवेशकों के वित्तीय लेन-देन का पता लगाने की है। इसमें कई बैंक खाते (Bank Accounts) शामिल हैं। इनका जाल विदेशों तक फैला है। ऐसे में अकेले एसआईटी के लिए इस तक पहुंचना और आंकड़ों, सूचनाओं का विश्लेषण और उसमें से जानकारी निकालना बड़ी चुनौती है। एफआईयू अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं के अलावा सभी वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और पैन विवरणों (PAN Details) के केंद्रीय भंडार की तरह है।
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बैंक खातों और लेन-देन का पता नहीं
एसआईटी ने क्रिप्टो घोटाले (Crypto Scam In Himachal) में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनसे जारी पूछताछ में यह जरूर निकलकर आया है कि राज्य में कितने निवेशकों को लूटा गया, लेकिन उनके बैंक खाते और वित्तीय लेन-देन के बारे में एसआईटी को कोई जानकारी नहीं मिली है। माना जा रहा है कि अभी तक जो जानकारी निकलकर आई है, वह इन्हीं दो आरोपियों के जरिए है। बैंक खातों के लेन-देन की गहराई में जाएं तो घोटाला हजारों करोड़ का हो सकता है।

