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हिमाचल में भिड़ी खाकी: एसपी गांधी बोले- विमल नेगी मामले में डीजीपी का शपथपत्र गैर जिम्मेदाराना
Himachal Police: हिमाचल पुलिस में मचा घमासान विमल नेगी मामले में हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद सड़क पर आ गया है। शिमला के एसपी संजीव गांधी ने डीजीपी डॉ. अतुल वर्मा, पूर्व डीजीपी संजय कुंडू के साथ बीजेपी भी विधायक सुधीर शर्मा पर भी बड़े आरोप लगाए हैं। एसपी शिमला संजीव गांधी ने मीडिया से बातचीत में पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी मौत मामले में डीजीपी के एफिडेविट को सीधे- सीधे गैर जिम्मेदाराना बता डाला।
पूरी एसआईटी हाईकोर्ट जाएगी
एसपी गांधी ने डीजीपी के हाईकोर्ट में दिए गए एफिडेविट पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, शिमला पुलिस ने विमल नेगी मौत मामले में ईमानदारी से जांच की है। शिमला पुलिस विमल नेगी को न्याय दिलाना चाहती है। इसलिए सभी पहलुओं पर जांच की जा रही थी। अदालत का फैसला आने के बाद जांच का काम रोका है। जांच अधिकारी के तौर पर पूरी एसआईटी हाईकोर्ट जाएगी। अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर की जाएगी। इसमें अदालत को बताया जाएगा कि अपनी जांच के बारे में बताया जाएगा।। उन्होंने 25 साल नौकरी की हैं। अगर कोई उन्हें अपमानित करेगा तो वह नौकरी छोड़ने के लिए भी तैयार हैं।
निशांत शर्मा मामले और शिमला रसोई गैस ब्लास्ट की भी परतें खोली
व्यापारी निशांत शर्मा मामले का हवाला देते हुए SP शिमला ने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने संजय कुंडू के कार्यकाल में बिना किसी पक्षपात के उच्च न्यायालय में एफिडेविट दायर किया था। SP ने यह भी खुलासा किया है कि शिमला में हुए रसोई गैस ब्लास्ट मामले में पूर्व DGP ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर दबाव डालकर झूठी रिपोर्ट तैयार करवाई थी। इसके अलावा, उन्होंने एक पत्र के जरिये राज्य सरकार को यह भी सूचित किया था कि NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) की मदद से एक फर्जी सबूत तैयार कर कुछ अधिकारियों को झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रची गई।
राम कृष्ण आश्रम जमीन विवाद में चीफ सेकेट्री को भी लपेटा
एसपी गांधी का कहना है कि उन्होंने इन सभी मामलों की जानकारी समय-समय पर राज्य सरकार और एडवोकेट जनरल को भी दी है।लेकिन अभी तक इन पर उचित कार्रवाई नहीं हुई है। यही नही एसपी ने मुख्य सचिव पर भी रामकृष्ण भूमि विवाद की जांच को प्रभावित करने के लिए दवाब बनाने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राम कृष्ण आश्रम जमीन विवाद में चीफ सेकेट्री द्वारा उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया गया और आश्रम के स्वामी से पूछताछ ना करने और जांच बंद करने को कहा गया इसको लेकर लगातार दवाब भी बनाया गया। लेकिन वे दवाब में काम करने वाले अधिकारी नही है।
बड़े अधिकारी उनके खिलाफ साजिश रच रहे
एसपी ने कहा कि 2021-22 में पुलिस भर्ती के दौरान हो रही गड़बड़ियों को लेकर उन्होंने पत्र लिखा था उसके बाद ही प्रदेश के कुछ बड़े अधिकारी उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं लेकिन वह इससे डरने वाले नहीं है वह न्याय के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे।

