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एपीएमसी में लाइसेंस रिन्यू करने में घोटाला- सेक्रेटरी और सीनियर असिस्टेंट पर गिरी गाज
Himachal News: कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) शिमला-किन्नौर के तहत मंडियों में दुकानों के आवंटन में बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। एपीएमसी के कमीशन एजेंट के लाइसेंस रिन्यू करने और दुकानों के आबंटन में अनियमितता सामने आने के बाद प्रारंभिक जांच हुई । इस जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद सरकार ने एपीएमसी सेक्रेटरी और सीनियर असिस्टेंट को पदों से हटा दिया है।
आढ़ती ने सीएम सुक्खू से की शिकायत
आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर 120 से 150 दुकानों का आवंटन किया गया। आरोप है कि कुछ आवेदन लेने के बाद ही दुकानों का आवंटन कर दिया गया। बताया जा रहा है कि ठियोग क्षेत्र में रोड साइड आढ़त का काम करने वाले एक कमीशन एजेंट से एपीएमसी अधिकारियों ने 30 हजार रुपए मांगे। आढ़ती ने इसकी शिकायत सीधे सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से की। सीएम के ध्यान में जब मामला आया तो सीएम ने सेक्रेटरी पवन सेनी और सीनियर असिस्टेंट यशपाल को ट्रांसफर किया। साथ ही एपीएमसी को फटकार लगाते हुए जांच के आदेश दिए है। मार्केटिंग बोर्ड ने दुकानों के आवंटन और आढ़ती की 30 हजार रुपए की रसीद से जुड़ा रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया है। अब आगामी कार्रवाई के लिए सेक्रेटरी एपीएमसी के जवाब का इंतजार होरहा है।
कर्ण नंदा बोले- मामले की गंभीर जांच होनी चाहिए
उधर इसी मामले को लेकर बीजेपी ने सरकार को घेरा है। बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने कहा कि एपीएमसी शिमला-किन्नौर के तहत मंडियों में दुकानों के आवंटन में बड़ा गड़बड़झाला हुआ है। इसमें कई अनियमितताएं बरतने का आरोप है। नियमों को ताक पर रखकर 120 से 150 दुकानों का आवंटन किया गया। आरोप है कि कुछ आवेदन लेने के बाद ही दुकानों का आवंटन कर दिया गया। ऐसा पता चला है कि सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के संज्ञान में यह मामला लाया गया, इस मामले की गंभीर जांच होनी चाहिए। नंदा ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले इस सरकार में आम हो गए हैं, कभी स्कूटर पर पानी ढोया जाता है तो कभी पेखुवाला प्रोजेक्ट में सबसडरी घोटाला किया जाता है। हम मांग करते है कि इस मामले में एपीएमसी शिमला-किन्नौर के चेयरमैन और सचिव को तुरंत प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए, इस मामले में बड़ी कार्रवाई की होनी चाहिए है।
संजू चौधरी

