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पंचतत्व में विलीन हुए शहीद पुष्पेंद्र नेगी,पत्नी ने सैल्यूट कर पति को अंतिम विदाई दी
Martyr Pushpendra Negi:असम में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए किन्नौर के सांगला निवासी पुष्पेंद्र नेगी आज पंचतत्व में विलीन हो गए। आजपैतृक गांव थैमगारंग में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। पुष्पेंद्र नेगी को उनके 6 साल के बेटे ने मुखाग्नि दी। आज सुबह पुष्पेंद्र नेगी की पार्थिव देह जब उनके घर पहुंची तो पत्नी कीर्ति नेगी व माता-पिता बिलख पड़े। पत्नी ने सैल्यूट देकर पति को अंतिम विदाई दी।
टूटी पेड़ की टहनियों की चपेट में आए थे पुष्पेंद्र
पुष्पेंद्र को विदाई देने के लिए आसपास के गांवों के लोगों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान पुष्पेंद्र नेगी अमर रहे के नारे लगाए। 29 वर्षीय पुष्पेंद्र नेगी 15 जुलाई को असम में ड्यूटी दे रहे थे। इस दौरान पुष्पेंद्र तूफान के कारण टूटी पेड़ की टहनियों की चपेट में आ गए और वे शहीद हो गए।वह 11 दिन पहले ड्यूटी पर लौटे थे।
4 जुलाई को लौटे थे ड्यूटी पर
आज असम से पुष्पेंद्र के पार्थिव शरीर को हेलिकॉप्टर में पहले दिल्ली और फिर चंडीगढ़ लाया गया। चंडीगढ़ से सेना के जवानों ने सड़क मार्ग से पार्थिव शरीर किन्नौर पहुंचाया। पुष्पेंद्र नेगी 2013 में 19 डोगरा रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। वह 17 जून को छुट्टी पर घर आए थे। इसके बाद 4 जुलाई को ड्यूटी पर लौट गए थे। नेगी अपने पीछे पत्नी कीर्ति नेगी, बेटे एतिक, पिता महेंद्र नेगी और माता सरला देवी को छोड़ गए हैं। बीजेपी प्रभारी कर्ण नंदा, सूरत नेगी, शिशु भाई धर्मा, यशवंत नेगी ने शहीद पुष्पेंद्र नेगी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
संजू चौधरी

