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Himachal Cabinet Decisions : स्पेशल पैकेज पूरे प्रदेश में लागू, पांच साल होगा मेयर का कार्यकाल,पंचायतों को रि-ऑर्गेनाइज करने का फैसला
Himachal Cabinet Meeting Decisions : शिमला। हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhwinder Singh Sukhu) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) में महत्वपूर्ण फैसले हुए हैं। बैठक में आपदा के बाद स्पेशल पैकेज पूरे प्रदेश में लागू करने का फैसला लिया गया। अभी तक स्पेशल पैकेज के तहत राहत राशि केवल मंडी जिला को ही दी जा रही थी। मगर अब पूरे प्रदेश में जिनके मकान नष्ट हुए हैं, उन्हें चार लाख रुपए की पहली किश्त जारी की जाएगी।
कैबिनेट मीटिंग में पंचायतों को रि-ऑर्गेनाइज करने का फैसला लिया गया, विभाग के पास पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर 100 से ज्यादा प्रस्ताव हुए हैं।कैबिनेट ने पंचायतीराज विभाग को इस संबंध में आदेश दे दिए हैं। आपदा के कारण कई क्षेत्रों में आज भी सड़कें टैम्परेरी बहाल है। इसे देखते हुए फैसला लिया गया कि पंचायत के चुनाव को थोड़ा डैफर किया जाए।
कैबिनेट ने मेयर के कार्यकाल को ढाई साल से बढ़ाकर पांच साल कर दिया है। ढाई साल के कार्यकाल की वजह से हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका रहती थी। इसे देखते हुए मेयर का कार्यकाल 5 साल कर दिया गया है। पहले भी इनका कार्यकाल पांच साल रहता था।
1000 टैक्सियों को इलेक्ट्रिक में परिवर्तित करने की मंजूरी
परिवहन विभाग को राजीव गांधी स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 40 प्रतिशत सब्सिडी के प्रावधान के साथ 1000 मौजूदा डीजल/पेट्रोल टैक्सियों को इलेक्ट्रिक टैक्सियों में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक अनुमति जारी करने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया।
1 अप्रैल, 2025 से विशेष पुलिस अधिकारियों के मानदेय में 300 रुपये प्रति माह की वृद्धि को मंजूरी दी, जिससे राज्य के 510 विशेष पुलिस अधिकारी लाभान्वित होंगे, जिनमें गैर-जनजातीय क्षेत्रों के 403 और जनजातीय क्षेत्रों के 107 शामिल हैं।
जलवाहक, आईटी टीचर, एमडीएम वर्कर का मानदेय बढ़ा
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार 1 अप्रैल, 2025 से एसएमसी शिक्षकों (टीजीटी, सीएंडवी, जेबीटी, लेक्चरर, डीपीई), आईटी कंप्यूटर शिक्षकों, मिड-डे मील कार्यकर्ताओं और अंशकालिक जलवाहकों के मानदेय में 500 रुपये प्रति माह की वृद्धि को पूर्वव्यापी स्वीकृति प्रदान की।
राज्य में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना और हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण परियोजना (जाइका चरण-2) के कार्यान्वयन और कुशल निगरानी प्रणाली को सुव्यवस्थित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह प्रणाली विभागों, एसपीएनएफ और जाइका के मध्य सामंजस्य को बढ़ावा देने के साथ-साथ परियोजनाओं के प्रमुख कार्यक्रमों के तहत अपेक्षित परिणामों के साथ कुशल शासन और कार्यान्वयन सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों को विनियमित करने के लिए आदर्श उप-नियमों के रूप में ग्राम पंचायतों द्वारा अपनाए जाने वाले ग्रामीण क्षेत्र विकास दिशा निर्देशों के प्रारूप को अंतिम रूप देने के लिए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडलीय उप-समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह, शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह और नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी इस मंत्रिमंडलीय उप-समिति के सदस्य होंगे।
19 खेलों को शामिल करने को मंजूरी
राज्य सरकार के विभागों, बोर्डों, निगमों इत्यादि के अंतर्गत ग्रुप-ए, बी, सी और डी के पदों/सेवाओं में नियुक्ति के लिए विचार हेतु योग्य मेधावी खिलाड़ियों की सूची में 19 खेलों को शामिल करने को मंजूरी दी गई। इन खेलों में बेसबॉल, पैरा स्पोर्ट्स, रग्बी ट्रायथलॉन, बधिर खेल, मल्लखंब, कूडो, मोटर स्पोर्ट्स, पेंचक सिलेट, शूटिंग बॉल, सॉफ्ट टेनिस, रोल बॉल, टेनपिन बॉलिंग, रस्साकशी, तलवारबाजी, नेटबॉल, सेपक टकराव, वुशु और किकबॉक्सिंग शामिल हैं।
जेओएआईटी के 300 पद भरे जाएंगे
डायरेक्ट ऑफ रिक्रयूटमेंट के अंतर्गत कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) के लिए एक अलग और विशिष्ट राज्य संवर्ग बनाने को मंजूरी दी, जिसके लिए पहले चरण में जॉब ट्रेनी के रूप में 300 पद सृजित किए जाएंगे।
नाहन मेडिकल कॉलेज के विस्तार के लिए नव चयनित भूमि पर निर्माण कार्य को मंजूरी प्रदान की गई। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग में नए स्नातकोत्तर और सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों में प्रवेश को विनियमित करने के लिए कार्योत्तर अनुमति देने पर स्वीकृति प्रदान की।
आईजीएमसी शिमला के सुपर स्पेशियलिटी, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नेरचौक और डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय से सहायक प्रोफेसर के 32 नये पदों को चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के तहत एमरजेंसी मेडिसिन विभाग में स्थानांतरित करने के स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की।
नई रेजिडेंट डॉक्टर्स नीति तैयार करने को मंजूरी
नई रेजिडेंट डॉक्टर्स नीति-2025 को तैयार करने को भी मंजूरी दी गई।सहायक स्टाफ नर्स की नियुक्ति को विनियमित करने के उद्देश्य से नीति/योजना तैयार करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दी।
राजीव गांधी स्वरोजगार सौर ऊर्जा योजना
हिमाचल प्रदेश के मूल निवासियों के लिए ब्याज अनुदान सहित भू-स्थलीय सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना हेतु योजना में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। इस योजना का नाम अब राजीव गांधी स्वरोजगार सौर ऊर्जा योजना होगा, जिसके अंतर्गत जनजातीय और गैर-जनजातीय क्षेत्रों में 100 किलोवाट से 2 मेगावाट तक की भू-स्थलीय सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए ब्याज अनुदान दिया जाएगा। जनजातीय क्षेत्रों में 100 किलोवाट से 2 मेगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना हेतु सरकार द्वारा 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान किया जाएगा, जबकि गैर-जनजातीय क्षेत्रों में 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।
मंत्रिमण्डल ने राज्यों को पूंजी निवेश 2025-26 हेतु विशेष सहायता योजना के संदर्भ में हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम नियोजन नियम, 2014 में संशोधन को मंजूरी प्रदान की।
पर्यटन निवेश संवर्धन परिषद की स्थापना को मंजूरी
पर्यटन निवेश संवर्धन परिषद की स्थापना को मंजूरी दी, जो पर्यटन निवेश को कुशलतापूर्वक और पारदर्शी तरीके से आकर्षित करने, उसका मूल्यांकन करने और उसे सुगम बनाने के लिए एक तंत्र पर काम करेगी।
मंत्रिमण्डल ने राज्य में फार्मा इकाइयों द्वारा उपयोग किए जाने वाले एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल, रेक्टिफाइड और सभी प्रकार के स्पिरिट की खरीद, भंडारण, परिवहन, गुणवत्ता परीक्षण और आपूर्ति के लिए हिमाचल प्रदेश सामान्य उद्योग निगम को नोडल एजेंसी के रूप में नामित करने का निर्णय लिया।
अनुबंध कर्मचारियों को 15 दिन का पितृत्व अवकाश
राज्य में पुरुष अनुबंध कर्मचारियों को 15 दिन का पितृत्व अवकाश देने की अनुमति दी।
सोलन जिले में हरिपुर संधोली-2, सूरजमाजरा लुबाना और बद्दी ब्लॉक के चक्कन में तीन नए सरकारी प्राथमिक विद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया।
राज्य के अधिकतम विद्यार्थियों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना में संशोधन को मंजूरी दी। संशोधन के अनुसार, स्नातकोत्तर शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज दर पर शिक्षा ऋण की सुविधा भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, लाभार्थी विद्यार्थी के परिवार की आय सीमा 4 लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये प्रति वर्ष कर दी गई है।
-संजू चौधरी

