-
Advertisement
हिमाचल विधानसभा में नशे पर हंगामा- विपक्ष का सदन से वॉकऑउट- जयराम बोले- बीजेपी विधायकों के फोन टैप कर रही पुलिस
Himachal Vidhansabha: हिमाचल विधानसभा में बढ़ते नशे के मुद्दे पर हंगामा हुआ। इस दौरान सीएम सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच तीखी नोकझोंक हुई। दरअसल, नेता प्रतिपक्ष ने सदन में शून्यकाल के दौरान एलएसडी नशे के मामले में गिरफ्तार कुल्लू एसटीएफ के चार जवानों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नशा घर-घर पहुंच गया है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई. इसके बाद विपक्ष ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए कि नशे के खिलाफ कार्रवाई के लिए बनाई गई STF के पुलिसकर्मी संलिप्त पाए गए और सरकार विपक्ष के नेताओं के फोन बिना इजाज़त सर्विलेंस पर लेने में लगी हुई है।
नशा गांव-गांव तक पहुंच चुका है
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के साढ़े तीन साल के कार्यकाल में नशा गांव-गांव तक पहुंच चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर सीएम नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में युवा नशे के ओवरडोज के कारण चौक-चौराहों पर अपनी जान गंवा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि जब उन्होंने इस गंभीर मुद्दे को सदन में उठाया, तो सीएम, मंत्री और पुलिस अधिकारी इस पर हंसते नजर आए, जो बेहद चिंताजनक और गैर-जिम्मेदाराना रवैया है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नशे के खिलाफ केवल दिखावे के लिए वॉकथॉन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें स्कूलों से बच्चों को बुलाकर 4 से 5 घंटे तक इंतजार करवाया जाता है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे आयोजनों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई की कमी है।
बिना जांच के पुलिस कर्मियों को एसटीएफ में तैनात
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिना उचित जांच के पुलिस कर्मियों को एसटीएफ में तैनात किया गया है, जिससे नशे के खिलाफ अभियान की गंभीरता पर सवाल उठते हैं। विपक्ष ने पूर्व सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई थी, जिसके चलते कई लोगों को यह अवैध कारोबार छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।
अधिकारी केवल सरकार को खुश करने में लगे
इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के अधिकारी केवल सरकार को खुश करने में लगे हुए हैं और विपक्ष के नेताओं के फोन सर्विलांस पर रखे जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर विपक्षी नेताओं की फोन निगरानी की गई थी।
संजू चौधरी
हिमाचल अभी अभी की सभी खबरों के पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

