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आर्थिक संकट का असर: सीएम, मंत्री, विधायकों और अधिकारियों के वेतन का कुछ हिस्सा 6 माह के लिए स्थगित
Himachal Budget: 16वें वित्त आयोग द्वारा हिमाचल प्रदेश के लिए राजस्व घाटा अनुदान (RDG ) को रोकने का असर बजट पर देखने को मिला है। अब प्रदेश सरकार ने माननीयों ओर अधिकारियों के वेतन के कुछ हिस्से को 6 महीने के लिए स्थगित किया है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। ‘वित्तीय अनुशासन’ के तहत सीएम, मंत्रियों, विधायकों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक के वेतन का एक हिस्सा अगले 6 महीनों के लिए अस्थायी रूप से स्थगित (Defer) किया जाएगा।
सीएम लेंगे आधा वेतन
बजट में घोषणा के अनुसार, सीएम के वेतन का 50 फीसदी, डिप्टी सीएम एवं मंत्रिमंडल के सदस्यों का 30 फीसदी और विधायकों के वेतन का 20फीसदी हिस्सा 6 महीने के लिए रोका जाएगा।इसके अलावा सभी चेयरमैन, वाइस-चेयरमैन, डिप्टी चेयरमैन और राजनीतिक नियुक्त सलाहकारों के वेतन का 20 फीसदी भी इसी अवधि के लिए स्थगित रहेगा।
अधिकारियों का 20 फीसदी हिस्सा स्थगित
प्रशासनिक स्तर पर भी यह लागू होगा। मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव और सभी प्रधान सचिवों के वेतन का 30फीसदी हिस्सा रोका जाएगा, जबकि सचिवों और विभागाध्यक्षों (HoDs) के वेतन का 20 फीसदी हिस्सा स्थगित किया जाएगा।पुलिस और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर भी इसका असर पड़ेगा। डीजीपी और एडीजीपी के वेतन का 30फीसदी, जबकि आईजी, डीआईजी, एसएसपी और एसपी स्तर तक के अधिकारियों का 20 फीसदी वेतन स्थगित रहेगा। इसी तरह वन विभाग में PCCF और अतिरिक्त PCCF का 30 प्रतिशत तथा CCF, CF और DFO स्तर तक के अधिकारियों का 20 प्रतिशत वेतन रोका जाएगा।
Group-A और Group-B का 3 फीसदी
Group-A और Group-B अधिकारियों के वेतन का 3 फीसदी हिस्सा भी 6 महीने के लिए स्थगित किया जाएगा। हालांकि Group-C और Group-D कर्मचारियों को इससे पूरी तरह बाहर रखा गया है और उन्हें पूरा वेतन मिलता रहेगा।सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बोर्ड, निगम, PSU, स्वायत्त संस्थाएं, विश्वविद्यालय और वे संस्थाएं जो सरकार से अनुदान या बजटीय सहायता प्राप्त करती हैं, वे भी इस निर्णय को सरकार के अनुरूप लागू करेंगी।
न्यायपालिका से सीएम का आग्रह
न्यायपालिका में स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए सरकार ने आशा जताई है कि वर्तमान वित्तीय स्थिति को देखते हुए जिला एवं अतिरिक्त जिला न्यायाधीशों के स्तर पर 20 फीसदी तथा न्यायिक संस्थानों के Group-A और Group-B अधिकारियों के स्तर पर 3 फीसदी वेतन के अस्थायी स्थगन पर उच्च न्यायालय मार्गदर्शन और सहमति देगा। सीएम ने न्यायपालिका से आग्रह किया है कि वे अपने विवेक से 30फीसदी तक वेतन डफर करने पर विचार करें। सीएम ने बजट भाषण में यह भी स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था टेम्परेरी है। वित्तीय स्थिति में सुधार होने पर यह राशि वापस दी जाएगी।
संजू चौधरी
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