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पंचायती चुनावों से पहले सरकार को झटका,हाईकोर्ट ने नियमों के बगैर डिलिमिटेशन को बताया अवैध
Highcourt on Panchayat Elections: पंचायती राज चुनावों से पहले सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार को हिमाचल हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने आज पंचायत चुनावों को लेकर तय नियमों के बगैर किए गए डिलिमिटेशन को अवैध बताया है। इसके बाद अब नई बनी पंचायतों पर तलवार लटक गई है। महिला मंडल उमरी समेत कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में पंचायतों के गठन, विभाजन, पुनर्गठन और सीमांकन (डिलिमिटेशन) का प्रस्ताव 13 फरवरी 2026 के बाद जारी किया गया और कानून व नियमों का पालन नहीं हुआ, वहां नई पंचायतों के गठन, पुनर्गठन और डिलिमिटेशन को मान्य नहीं माना जाएगा।ऐसे मामलों में चुनाव पुरानी स्थिति के आधार पर ही कराए जाएंगे।
नियमों का पालन नहीं किया तो पूरी प्रक्रिया गलत
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य सरकार द्वारा 13 फरवरी के बाद बनाई नई पंचायतों पर तलवार लटक गई है, क्योंकि ज्यादातर पंचायतों के गठन में नियमों का पालन नहीं किया गया।हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पंचायतों से जुड़ी प्रक्रिया दो चरणों में होती है। पहले- सरकार पंचायतों का गठन या पुनर्गठन करती है और उसके बाद संबंधित डीसी द्वारा क्षेत्रों का डिलिमिटेशन किया जाता है। इस दौरान तय नियमों के तहत नोटिस देना, आपत्तियां लेना और उन पर फैसला करना जरूरी होता है। अगर इन नियमों का पालन नहीं किया गया तो पूरी प्रक्रिया गलत मानी जाएगी।
संजू चौधरी
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