-
Advertisement
Big Break | Road Construction | Himachal |
खाड़ी देशों में जारी युद्ध और तनाव का सीधा असर अब हिमाचल प्रदेश के बुनियादी ढांचे पर दिखने लगा है। ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई है। इसका खामियाजा प्रदेश के निर्माण क्षेत्र को भुगतना पड़ रहा है। रिफाइनरियों को पर्याप्त कच्चा तेल न मिलने के कारण तारकोल का उत्पादन 50 फीसदी तक गिर गया है। सड़क टारिंग प्रभावित हो रही है।कच्चे तेल की कमी और महंगी माल ढुलाई के कारण तारकोल की कीमतों में आग लग गई है। जो तारकोल पहले 44,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन बिक रही थी, उसकी कीमत अब बढ़कर 88,000 रुपये के करीब पहुंच गई है।

