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नेपाल पर मंडराया महा-तबाही का खतरा: 47 ग्लेशियर झीलें बनीं ‘टाइम बम’, 160+ मौतों के बाद फिर अलर्ट
Nepal Floods:नेपाल में कुदरत का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। तिब्बत में ग्लेशियर फटने से आई भीषण बाढ़ ने पूरे देश में तबाही मचा रखी है। इस आपदा में अब तक 160 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों लोग लापता हैं। घर, मकान और पुल मलबे के ढेर में तब्दील हो चुके हैं। इस आपदा के बीच नेपाल पर एक और महा-तबाही का खतरा मंडरा रहा है।वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि नेपाल की 47 ग्लेशियर झीलें (PDGLs) कभी भी फट सकती हैं। इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (ICIMOD) और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के अनुसार, यदि ये झीलें फूटती हैं तो आने वाली ‘ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड’ (GLOF) पूरे नेपाल में तबाही का नया मंजर पैदा कर देगी।
झीलों का भौगोलिक विभाजन
नेपाल के भीतर: 21 झीलें
तिब्बत (चीन) सीमा पार: 25 झीलें (यह झीलें दक्षिण की ओर बहने वाली नदियों के ऊपरी हिस्से में हैं, जो नेपाल में प्रवेश करती हैं)
अन्य सीमावर्ती क्षेत्र: 1 झील
वैज्ञानिकों के मुताबिक, इन झीलों के फटने से ‘ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड’ (GLOF) आ सकता है, जिससे निचले इलाकों में पल भर में सैलाब आ जाएगा।
सबसे ज्यादा जोखिम वाली 6 प्रमुख झीलें
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने तेजी से फैल रही और बर्फ-मलबे के प्राकृतिक बांधों पर टिकी 6 झीलों को तत्काल जलस्तर घटाने के लिए प्राथमिकता पर रखा है:
लोअर बरुण (टैलोपोखरी)
थुलागी (डोना)
लुमडिंग त्सो
होंगु-2 / चामलांग साउथ
त्सो रोल्पा
इमजा त्सो
हाई-रिस्क जोन: 85% खतरा पूर्वी और मध्य नेपाल में कोशी और बागमती नदी बेसिन के आसपास का इलाका सबसे ज्यादा संवेदनशील है। कुल क्षेत्रीय जोखिम का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा इन्हीं क्षेत्रों में है:
सोलुखुम्बु: दूध कोसी और इमजा बेसिन के किनारे बसे इलाके।
संखुवासभा: बरुण और अरुण नदी घाटियों के रास्ते में आने वाले समुदाय।
दोलखा: तामा कोशी नदी कॉरिडोर, जो सीधे त्सो रोल्पा झील के निशाने पर है।
विशेषज्ञों का कहना है कि GLOF की स्थिति में पानी इतनी तेजी से नीचे आएगा कि पहाड़ी घाटियों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का मौका तक नहीं मिलेगा। बस्तियों के साथ-साथ सड़क, पुल और hydro-projects पूरी तरह तबाही के मुहाने पर खड़े हैं।
पंकज शर्मा
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