-
Advertisement
दुर्गम क्षेत्रों में सेवा से पीछे ना हटें डॉक्टर, AIIMS के ब्रांड को बनाएं और मजबूत: राष्ट्रपति मुर्मू
President Himachal visit: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर का पहला दीक्षांत समारोह एक ऐतिहासिक अवसर के रूप में आयोजित किया गया। इस विशेष समारोह में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और विभिन्न पाठ्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं। इस दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को राष्ट्रपति के हाथों स्वर्ण पदक से भी सम्मानित किया गया।
डॉक्टर बनने का निर्णय केवल आर्थिक उन्नति नहीं, समाज सेवा का भाव
उपाधि प्राप्त करने वाले डॉक्टरों को बधाई देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि डॉक्टर बनने का निर्णय केवल आर्थिक उन्नति से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसमें समाज की सेवा का गहरा भाव निहित होना चाहिए। दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “अक्सर यह सवाल उठता है कि कठिन इलाकों में कौन जाएगा, लेकिन मुझे विश्वास है कि एम्स बिलासपुर से निकलने वाले डॉक्टर ऐसे क्षेत्रों में लोगों की निस्वार्थ सेवा करने से पीछे नहीं हटेंगे। आर्थिक उपलब्धियां व्यक्ति के साथ यहीं रह जाएंगी, लेकिन समाज के लिए की गई सेवा ही हमेशा याद रखी जाएगी।”
Medical profession का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए – मानवता की सेवा करना। pic.twitter.com/thoT7QEuIp
— President of India (@rashtrapatibhvn) October 6, 2026
पहला बैच तय करेगा संस्थान की पहचान और विरासत
राष्ट्रपति ने पहले बैच के डॉक्टरों को एम्स बिलासपुर की पहचान और विरासत का निर्माता बताया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियां इन्हीं डॉक्टरों के काम और व्यवहार से प्रेरणा लेंगी। डॉक्टर का ज्ञान बीमारी की पहचान करता है और उसका कौशल उपचार करता है, लेकिन मरीज के प्रति संवेदनशीलता और करुणापूर्ण व्यवहार ही उसे मानसिक हिम्मत प्रदान करता है। डॉक्टरों को अपने क्षेत्र में श्रेष्ठ बनने के साथ-साथ एक संवेदनशील इंसान भी बने रहना चाहिए।”
दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर
हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने एम्स बिलासपुर को राज्य के दुर्गम क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि टेलीमेडिसिन, विशेषज्ञ सलाह और आधुनिक तकनीकों के जरिए दूरदराज के इलाकों तक बेहतर इलाज पहुंचाया जाना चाहिए।संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में करीब 12 लाख बाह्य मरीजों (OPD) और 1 लाख से अधिक भर्ती मरीजों (IPD) ने एम्स बिलासपुर में चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठाया है।
एम्स के ब्रांड को बनाएं मजबूत
राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों से कहा कि एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से शिक्षा प्राप्त करने के बाद देश को उनसे बहुत उम्मीदें हैं। उन्होंने डॉक्टरों से अपने ज्ञान का उपयोग समाज हित में करने और ‘एम्स’ के ब्रांड को और अधिक मजबूत बनाने का संदेश दिया।
न्यूनतम लागत में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा एम्स की पहचान है। देशवासियों के लिए एम्स का मतलब होता है देश के सबसे योग्य चिकित्सकों द्वारा चिकित्सा। pic.twitter.com/7hI1laJHUu
— President of India (@rashtrapatibhvn) October 6, 2026
राष्ट्रपति मनाली के लिए रवाना
बिलासपुर आगमन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया गया। .राज्यपाल कवींद्र गुप्ता, सीएम सुखविन्द्र सिंह सुक्खू , केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए पूरे शहर और परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इसके बाद राष्ट्रपति मनाली के लिए रवाना हुईं।
सुभाष
