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हिमाचल के छात्रों के लिए बड़ी राहत: HPBOSE ने ‘अमेरिकन हाई स्कूल डिप्लोमा’ को दी 12वीं के समकक्ष मान्यता
HPBOSE: विदेशी बोर्ड से स्कूली शिक्षा पूरी करने वाले हिमाचल प्रदेश के छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE), धर्मशाला ने एक ऐतिहासिक नीतिगत फैसला लेते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के ‘अमेरिकन हाई स्कूल डिप्लोमा’ को राज्य की जमा दो (12वीं कक्षा) की परीक्षा के समकक्ष मान्यता दे दी है।
बोर्ड के इस कदम से अब विदेशी मान्यता प्राप्त संस्थानों से पढ़कर आ रहे छात्रों को प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में दाखिला लेते समय किसी भी तरह की तकनीकी अड़चन का सामना नहीं करना पड़ेगा।
शिक्षा मंत्रालय और AIU के मानकों पर लगी मुहर
बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने इस महत्वपूर्ण अधिसूचना की जानकारी देते हुए बताया कि यह मान्यता विशेष रूप से अमेरिका की नॉर्थवेस्ट एक्रिडिटेशन कमीशन (NWAC) से मान्यता प्राप्त स्कूलों द्वारा जारी ‘अमेरिकन हाई स्कूल डिप्लोमा ट्रांसक्रिप्ट (ग्रेड 12) या 12-ईयर हाई स्कूल डिप्लोमा’ पर लागू होगी।
यह निर्णय भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और भारतीय विश्वविद्यालय संघ (AIU), नई दिल्ली द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर के बोर्ड से पढ़कर आए छात्रों को मुख्यधारा की उच्च शिक्षा से जोड़ा जा सके।
मुख्य बिंदु: एक नज़र में किसे मिली मान्यता:
USA के NWAC बोर्ड से प्राप्त 12वीं श्रेणी के ‘अमेरिकन हाई स्कूल डिप्लोमा’ को क्या होगा फायदा: हिमाचल प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में बिना किसी तकनीकी रुकावट के सीधा प्रवेश।
उद्देश्य: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पढ़े छात्रों को राज्य की मुख्यधारा की उच्च शिक्षा से जोड़ना।
केवल उच्च शिक्षा के लिए मिलेगी यह सहूलियत
बोर्ड ने अधिसूचना में एक बेहद महत्वपूर्ण शर्त भी स्पष्ट की है। अमेरिकन डिप्लोमा को 12वीं के समकक्ष मानने का यह फैसला केवल उच्च शिक्षा में प्रवेश (Admission to Higher Studies) के उद्देश्य तक ही सीमित रहेगा। रोजगार (Employment) या किसी अन्य प्रयोजन के लिए इसके नियम अलग हो सकते हैं।
बिना सत्यापन (Verification) के नहीं मिलेगा दाखिला
फर्जीवाड़े को रोकने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बोर्ड ने सख्त हिदायत जारी की है। किसी भी छात्र को कॉलेज या यूनिवर्सिटी में प्रवेश देने से पहले उसके प्रमाण-पत्र की प्रामाणिकता और वैधता की जांच अनिवार्य होगी। संबंधित शैक्षणिक संस्थान या सक्षम प्राधिकारी को डिप्लोमा जारी करने वाली संस्था (NWAC) से इसका सत्यापन (Verification) करवाना होगा। सही सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद ही छात्र को प्रवेश का लाभ मिलेगा।
छात्रों के लिए सुगम होगी राह
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के इस फैसले को राज्य में शिक्षा के वैश्वीकरण की दिशा में एक बेहद सकारात्मक कदम माना जा रहा है। बोर्ड अध्यक्ष ने विश्वास जताया है कि इस नई अधिसूचना के बाद विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों में दाखिला लेने की प्रक्रिया कहीं अधिक स्पष्ट, आसान और पारदर्शी हो जाएगी।
अमित महाजन
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