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सीटें क्या बदलीं, हिमाचल के प्रत्याशी खुद को नहीं डाल सके वोट
शिमला। हालांकि मतदान करना बहुत जरूरी होता है। मगर प्रत्याशी खुद चुनाव मैदान में उतरा हो और वह स्वयं का ही वोट ना डाल सके तो उसका मलाल चरम पर होता है। वह खुद को जिताने के लिए रात-दिन एक कर देता है और लोगों को मतदान करने के लिए प्रेरित करता है। मगर वह स्वयं ही स्वयं के लिए वोट (Vote) ना डाल सके तो उसका एक वोट तो कम हुआ ही समझो। हिमाचल विधानसभा में इस प्रत्याशी (candidates) ऐसे हैं जो स्वयं के लिए वोट नहीं डाल सके।
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इसका कारण यह है कि इस बार उनकी सीट बदल दी गई है। मजे कर बात यह है कि इनमें से एक विधायक शामिल हैं। इस कड़ी में विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज और वन मंत्री राकेश पठानिया का नाम आता है। इनकी सीट बदल जाने से वे स्वयं को ही वोट नहीं डाल सके। सुरेश भारद्वाज की सीट शिमला शहरी से बदलकर कसुम्पटी विधानसभा (Kasumpti Assembly) क्षेत्र कर दी गई है। वहीं राकेश पठानिया की सीट नूरपुर से बदलकर फतेहपुर कर दी गई है। इसके अतिरिक्त कृपाल परमार और रविंदर रवि (Kripal Parmar and Ravinder Ravi) भी खुद को वोट नहीं डाल सके। वहीं कांग्रेस के शिमला ग्रामीण से प्रत्याशी और विधायक विक्रमादित्य सिंह शर्मा भी अपने आप को वोट नहीं डाल सके। विक्रमादित्य ने अपने पैतृक स्थान रामपुर में वोट डाला।
