Covid-19 Update

2,86,061
मामले (हिमाचल)
2,81,413
मरीज ठीक हुए
4122
मौत
43,452,164
मामले (भारत)
551,819,640
मामले (दुनिया)

सुबह उठकर करेंगे इन मंत्रों का जाप तो दिन की होगी अच्छी शुरूआत, बनेंगे सभी काम

सुबह के समय जाप किये जाने वाले मंत्रों के बारे में बता रहे हैं

सुबह उठकर करेंगे इन मंत्रों का जाप तो दिन की होगी अच्छी शुरूआत, बनेंगे सभी काम

- Advertisement -

हम जब भी सुबह उठते हैं तो यहां सोचते हैं कि हमारा दिन अच्छा जाए। जो भी काम करें वो सफल हो। सुबह की शुरुआत अगर एनर्जेटिक और पॉजिटिव मूड से हो तो क्या कहना। यह भी सच है कि जब हम सुबह आप अच्छे मन से दिन की शुरुआत करते हैं तो सारा दिन अच्छा ही गुजरता है। आम तौर पर लोग सुबह उठकर भगवान का नाम लेते हैं और दिन अच्छा गुजरे इस बात की प्रार्थना करते हैं। हिंदू धर्म में हर मंत्र का अपना विशेष महत्व और अर्थ है। सही मौकों को ध्यान में रखते हुए मंत्रों का जाप किया जाता है। प्रातः दिन की शुरुआत करने के लिए भी विशेष मंत्र है। आज हम सुबह के समय जाप किये जाने वाले मंत्रों के बारे में बता रहे हैं और साथ ही जानें उसका अर्थ भी ।

यह भी पढ़ें- घर पर गणपति की मूर्ति स्थापित करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

कराग्र वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती।
करमूले स्थितो ब्रहमा प्रभाते करदर्शरनम्।

सुबह उठकर अपनी हथेली के सबसे आगे के भाग में लक्ष्मीजी, बीच के भाग में सरस्वती और मूल भाग में ब्रहाजी निवास करते हैं इसलिए सुबह दोनों हथेलियों के दर्शन करना चाहिए।

समुद्रवसने देवी पर्वतस्तनमंडले।
विष्णुपति नमस्तुभ्यं क्षमस्व में।

 

 

सुबह उठकर धरती पर अपने पैर रखने से पहले पृथ्वी माता का जाप करना चाहिए। इस मंत्र का अर्थ है सम्रुरूपी वस्त्र धारण करनेवाली, पर्वतरुपी, स्तनोंवाली एंव भगवान श्रीविष्णु की पत्नी हे भूमिदेवी,मैं आपको स्पर्श होगा। इसके लिए आप मुझे क्षमा करें।

गंगे च यमुना चैव गोदावरि सरस्वति।
नर्मदे सिन्धु कावेरि जल स्मिन्सन्निधि कुरु।
इस मंत्र का जाप सुबह स्नान के समय करना चाहिए। इस मंत्र का अर्थ है कि हे ! गंगा , यमुना , गोदावरी, नर्मदा , सिंधु, कावेरी नदियों ! मेरे स्नान करने के जल में पधारिए और मुझ पर कृपा करें।

सर्वमंगल मांगल्यै शिव सवार्थ साधिक।
शरण्ये त्रयम्बके गौरि नरायणि नमोस्तु ते ।

 

यह मां दुर्गा का प्रसिद्ध मंत्र बहुत अच्छा और शुभ माना गया है इसीलिए इसे किसी भी शुभ कार्य से करने से पहले किया जाता है। इस मंत्र में कहा जा रहा है कि आप ही सब मंगल देने वाली हो। कल्याण दायिनी शिवा हो। आप ही सब पुरुष को सिद्ध करने वाली, तीन नेत्रों वाली एंव गौरी हो। तुम्हे नमस्कार , तुम्हे नमस्कार, तुम्हे नमस्कार।

ओम गं ऋणहर्तायै नमः अथवा ओम
छिन्दी छिन्दी वरैण्यम स्वाहा।

ये कर्ज से मुक्ति पाने के लिए कारगर मंत्र है। इस मंत्र के जरिए भगवान गणेश का स्मरण किया जाता है। इस मंत्र के प्रतिदिन जाप से भगवान गणेश प्रसन्न होते है। और व्यकित को कर्ज से धीरे धीरे छुटकारा मिलता है।

हिमाचल और देश-दुनिया के ताजा अपडेट के लिए like करे हिमाचल अभी अभी का facebook page

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है