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आउटसोर्स कर्मचारियों पर सीएम का बयान गैर जिम्मेदाराना : धर्माणी
शिमला। बीजेपी प्रवक्ता मोहिंद्र धर्माणी ने आउटसोर्स कर्मचारियों (Outsource Workers) को नौकरी से निकाले जाने को लेकर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhu) के बयान को गैर जिम्मेदाराना करार दिया है। सोमवार को यहां प्रेसवार्ता में धर्माणी ने कहा कि यह हिमाचल प्रदेश के बेरोजगारों के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान जो युवक-युवतियां अपनी जान हथेली पर रखकर मरीजों की सेवा कर रहे थे, जिन्हें आए दिन सरकार द्वारा सम्मानित किया जा रहा था, आज उन्हें नौकरी से बर्खास्त किए जाने पर सीएम कह रहे हैं कि वे ठेकेदार के लोग हैं। जनता जानना चाहती है कि यह सरकार क्या कर रही है।
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लगातार हो रही है छंटाई
धर्माणी ने कहा कि 8 महीने पहले जब से राज्य में कांग्रेस सरकार सत्ता में आई है, उस दिन से छोटे कर्मचारियों का काम करना मुश्किल हो गया है। बिजली बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग, जल शक्ति विभाग या अन्य विभाग, सभी में कर्मचारियों को निकालने की प्रक्रिया (Job Layoff) लगातार जारी है। 5 लाख बेरोजगारों को नौकरी देने वाली गारंटी देकर सत्ता में आई सरकार ने नौकरी तो कोई दी नहीं, परंतु सैकड़ों नौकरियां छीन ली हैं। बीजेपी ने कहा कि सीएम का बयान यह साबित करता है कि न तो नौकरियां देने की सरकार की मंशा है और न नीयत और न ही कोई रोडमैप।
40 हजार की नौकरी छीनेंगे?
उन्होंने कहा कि हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग में हजारों भर्तियां (Thousand of Appointments) लंबित पड़ी हैं। उन सबको हर रोज झूठे आश्वासन देकर लटकाया जा रहा है। जब भर्ती करने वाला संस्थान ही बंद हो गया तो भर्तियां कहां से होगी। बीजेपी ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी, जिन्हें सीएम ठेका श्रमिक (Contract Labor) बोल रहे हैं, उनकी संख्या 40 हजार से ज्यादा है। सीएम स्पष्ट करें कि क्या वे 40 हजार कर्मचारियों को वह निकालने जा रहे हैं?

