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हिमाचल: पुश्तैनी मकान छोड़, खोखे में रहने को मजबूर घनश्याम का परिवार

निर्माणाधीन सड़क बनी जानलेवा, घर में घुसा मलबा दहशत के साए मव जीने को मजबूर

हिमाचल: पुश्तैनी मकान छोड़, खोखे में रहने को मजबूर घनश्याम का परिवार

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कुल्लू। हिमाचल के कुल्लू जिले के उपमंडल बंजार में तीर्थन घाटी की ग्राम पंचायत कलवारी के गांव ननौट निवासी घनश्याम सिंह का परिवार आजकल खौफ के साए में जीने को मजबूर है। गलवाहधार से रंबी के लिए निर्माणाधीन सड़क पर बरसात का पानी इस परिवार के लिए कहर बनकर बरसा है। वहीं, फरगौट गांव के समीप सड़क निर्माण के लिए पहाड़ी पर कटिंग के कारण मलबा और पत्थर पीड़ित घनश्याम के रिहायशी मकान में घुस गया है, जिस कारण मकान के साथ ही खेतों में बिजाई हुई फल और सब्जी की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

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खोखे में रहने को मजबूर परिवार

इस मकान में रहना अब खतरे से खाली नहीं है। जान और माल के नुकसान का अंदेशा बना हुआ है। निर्माणाधीन सड़क से लगातार पानी, मलवा और पत्थर गिरने का सिलसिला जारी है, जिस कारण घनश्याम का परिवार अपना पुश्तैनी मकान छोड़ कर लकड़ी के खोखे में रहने को मजबूर है। अपनी इस समस्या के समाधान और सुरक्षा बारे घनश्याम कई जगह अपनी गुहार रख चुका है। वहीं, दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। घनश्याम ने बताया कि 4 सितंबर को वह अपनी समस्या को लेकर उपायुक्त कुल्लू के समक्ष भी पेश हुआ था। और उन्हें लिखित और मौखिक रूप में अपनी समस्या से अवगत करवाया गया, लेकिन दो सप्ताह बीत जाने के बाद आजतक भी किसी आधिकारी ने इसकी सुध नहीं ली है और ना ही अभी तक मौके का मुयायना किया गया।

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फसलों को पहुंचा नुकसान

घनश्याम ने बताया कि इस निर्माणाधीन सड़क पर पत्थर और मलबा को हटाने का कार्य किया जा रहा है। वहीं, बरसाती बारिश से जमीन और मकान पर लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। जिस कारण सेब के बगीचे और अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि अपनी जमीन और मकान को नुकसान से बचाने के लिए जुलाई 2018 में अदालत से स्टे ले भी लिया था। ग्रामीणों के हित को ध्यान में रखते हुए इसने अपना स्टे वापस ले लिया था। तब लोगों ने और विभागीय अधिकारियों द्वारा मकान की सुरक्षा के लिए उचित सुरक्षा उपाय करने की हामी भरी थी, लेकिन इस पर आजतक किसी ने भी कोई गौर नहीं फरमाया है।

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