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धार्मिक नगरी कांगड़ा को नेकी का एक रास्ता मिलने जा रहा, इसी माह होगा “द्वार” का अनावरण
Pt. BalKrishna Sharma : कांगड़ा का नाम जुबान पर आते ही अपने आप ही पंडित बालकृष्ण शर्मा (Pt.BalKrishna Sharma) का नाम दिलो-दिमाग पर घूमने लगता है। दरअसल पंडित बालकृष्ण शर्मा एक नाम नहीं बल्कि अपने आप में एक संस्थान थे। जो सिर्फ कांगड़ा के लिए ही जिए। कांगड़ा ने भी उनको इतना अपनापन दिया कि वह इस नगर को अपना परिवार मानते चले गए। आज पंडित बालकृष्ण शर्मा हमारे बीच चाहे नहीं रहे, लेकिन कोई पल ऐसा नहीं है जब उन्हें याद नहीं किया जाता होगा। चूंकि वह शख्सियत ही ऐसी थी,आज उन्हीं के नाम पर कांगड़ा में एक द्वार का निर्माण किया गया है। जिसका नाम पं बालकृष्ण शर्मा द्वार रखा गया है। इसका अनावरण इसी माह यानी सितंबर में होना तय हुआ है। इस द्वार के बनने से ऐसा माना जा रहा है कि जैसे इस धार्मिक नगरी को नेकी का एक रास्ता मिलने जा रहा है।
पंडित बालकृष्ण के कार्यों और कृतित्वों ने उन्हें बनाया युगपुरुष
पंडित बालकृष्ण शर्मा के कार्यों और कृतित्वों को देखते हुए उन्हें युगपुरुष कहा जा सकता है। अपने जीवन में समाज सेवा के इतने कार्य उन्होंने किए कि लोग स्वयं ही उन्हें मसीहा के तौर पर देखने लगे थे। पंडित बालकृष्ण शर्मा का जन्म जिला ऊना के लौहारा गांव में पंडित जय राम शर्मा के यहां 22 जनवरी, 1944 को हुआ। सच मायनों में यह गांव उसी दिन गौरवान्वित हुआ क्योंकि आगे चलकर प्रसिद्धि की पराकाष्ठा इसी बालक के हिस्से में आई। कालांतर में उनके पिता लौहारा गांव से कांगड़ा आए और यहां उन्होंने छोटे स्केल पर बर्तनों का व्यापार शुरू किया। विभिन्न प्रतिभाओं के पंडित बालकृष्ण शर्मा को अपनी पहचान बनाने में देर नहीं लगी। हालांकि शुरुआत भले ही जीरो ग्राउंड से हुई थी, पर देखते ही देखते पूरे कारोबार का परिदृश्य ही बदल गया। 9 सितंबर, 2007 को यह महान विभूति हमारे बीच नहीं रही, पर जो आदर्श पंडित बालकृष्ण शर्मा ने स्थापित किए वे मील का पत्थर साबित हुए हैं।
स्कूल शिक्षा बोर्ड का चेयरमैन हैं पंडित बालकृष्ण शर्मा के सुपुत्र डॉ राजेश शर्मा
पंडित बालकृष्ण शर्मा के सुपुत्र डॉ राजेश शर्मा हिमाचल के कांगड़ा में श्री बालाजी मल्टी स्पेशलिटी नाम से अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज का संचालन करते हैं। इसके अलावा वह मल्टीपल बिजनेस भी हैंडल करते हैं। डॉ राजेश शर्मा अपने पिता पंडित बालकृष्ण शर्मा के नाम पर एक ट्रस्ट का भी संचालन करते हैं। इसी तरह डॉ राजेश शर्मा (Dr Rajesh Sharma) कई सामाजिक संस्थाओं का भी दायित्व निभा रहे हैं। डाॅ राजेश हिमाचल हॉकी के भी वरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं। समाज सेवा से जुड़े डॉ राजेश शर्मा हमेशा ही आर्थिक तौर पर कमजोर रहे लोगों की सेवा करते आए हैं। र्तमान में उन्हें सरकार ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) के चेयरमैन बनाया है। डॉ राजेश शर्मा ने शिक्षा बोर्ड में एक वर्ष के भीतर एक आयाम स्थापित किए हैं।
-राहुल कुमार
