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हिमाचल: PWD की सड़क पर बना दिया ढारा, 6 गांवों का संपर्क कटा तो डीसी के द्वार पहुंचे ग्रामीण
नाहन। हिमाचल के सिरमौर जिला में पीडब्ल्यूडी (PWD) द्वारा 3 करोड़ 28 लाख से बनाई सड़क के बीचों बीच एक व्यक्ति ने ढारे का निर्माण कर दिया। जिससे करीब आधा दर्जन गांव सड़क सुविधा से वचिंत हो गए हैं। अब इन गांव के ग्रामीणों (Villagers) को सामान से लेकर मरीजों तक को पीठ पर उठाकर पांच किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ रहा हैं। हालांकि ग्रामीणों ने इसकी कई बार शिकायत भी की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई जिसके चलते शनिवार को ग्रामीणों ने डीसी सिरमौर (DC Sirmaur)के पास पहुंचकर मामले की शिकायत की और जल्द से जल्द समस्या के समाधान की मांग की।
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बता दें कि दो माह पहले एक प्रभावशाली व्यक्ति ने ढारा बनाकर नाबार्ड के तहत लोक निर्माण विभाग मंडल संगड़ाह के अंतर्गत 3 करोड़ 28 लाख से बनाए जा रहे जंदरायण-सनग मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। ग्रामीणों ने संगड़ाह के बीचोंबीच इस कच्चे ढारे के निर्माण कार्य के शुरू होने के बाद से अब तक कईं शिकायतें संबंधित विभाग को कीं। यहां तक की मुख्यमंत्री को इस बारे लिखा जा चुका है। बावजूद इसके अब तक सड़क के बीचोंबीच बने अवैध कब्जे (Illegal Construction) को हटाया नहीं जा सका। ऐसे में स्थानीय ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।
2 माह से बंद है आवाजाही
वहीं नाहन में डीसी से शिकायत करने पहुंचे ग्रामीणों का कहना है कि 7 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर पिछले 2 माह से वाहनों की आवाजाही बंद होने से सनग, जंदरायण, कोलवा व मानल-दोची सहित आधा दर्जन गांव के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि सड़क बंद होने से मरीजों को भी पीठ पर उठाकर सड़क तक पहुंचना पड़ रहा है। किसानों को अपनी फसलों को बेचने व बाजार से सामान लाने में भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं डीसी सिरमौर ने संगड़ाह के एसडीएम (SDM) को जल्द से जल्द मामले में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
क्या कहते हैं पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता
उधरए लोक निर्माण विभाग संगड़ाह के अधिशासी अभियंता रतन शर्मा ने बताया कि दरअसल विभाग द्वारा उक्त सड़क से कब्जा हटाने के लिए एसडीओ (SDO) संगड़ाह की मौजूदगी में विभाग की टीम स्थानीय एसएचओ के साथ गई थी। मगर जमीन संबंधी तकनीकी अड़चनों के चलते कब्जा नहीं हटाया जा सका। उन्होंने कहा कि इस मामले में विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। साथ ही एसडीएम संगड़ाह को मामला भेजा गया है।
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