Covid-19 Update

2, 85, 012
मामले (हिमाचल)
2, 80, 818
मरीज ठीक हुए
4117*
मौत
43,138,393
मामले (भारत)
527,842,668
मामले (दुनिया)

हिमाचलः चेक बाउंस होने पर तीन महीने की जेल, एक लाख दस हजार जुर्माना ठोंका

सेशन जज की अदालत ने याचिका खारिज करते निचली अदालत के फैसले को रखा बरकरार

हिमाचलः चेक बाउंस होने पर तीन महीने की जेल, एक लाख दस हजार जुर्माना ठोंका

- Advertisement -

मंडी। चेक बाउंस ( Check Bounce ) मामले में अनानू टायर रिट्रेडिंग सेंटर बजौरा के मालिक को तीन महीने और एक लाख दस हजार की सुनाई है। सेशन जज की अदालत ने याचिका खारिज करते निचली अदालत (Court) के फैसले को बरकरार रखा है। इससे पहले अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट एक मंडी (Mandi) ने यह फैसला दिया था। सेशन जज मंडी राकेश कैंथला की अदालत ने मनोहर लाल पुत्र मान सिंह मालिक अनानू टायर रिट्रेडिंग सेंटर बजौरा जिला कुल्लू (Kullu) की अपील को खारिज करते हुए आदेश दिया है कि 20 अगस्त, 2018 को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मंडी कोर्ट नंबर एक ने जो उसे एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत तीन महीने की कैद व 1 लाख 10 हजार रुपए जुर्माना भरने की सजा सुनाई है।

यह भी पढ़ें:हिमाचलः लाखों का गबन करने वाला उपप्रधान सस्पेंड, मनरेगा में लगाई थी फर्जी हाजरियां

इसके साथ ही जुर्माना (Fine) न भरने पर एक महीने की कैद और भुगतने का आदेश है, वह भी बरकरार रहेगा। निचली अदालत ने सुभाष चंद पुत्र नारायण सिंह गांव बैहल पैड़ी तहसील सदर जिला मंडी की याचिका 20 अगस्त 2018 को चेक बाउंस के इस मामले का निपटारा करते हुए मनोहर लाल को यह सजा सुनाई थी। सुभाष चंद ने अपने वकील महेश चोपड़ा के माध्यम से अदालत में दी याचिका में आरोप लगाया था कि उसके पास एक गाड़ी एचपी 65-8800 नंबर है। इसके माध्यम से उसने मनोहर लाल को बजरी सप्लाई की थी।

यह भी पढ़ें:हिमाचल: पंचायत प्रधान को पद का दुरुपयोग करना पड़ा महंगा, डीसी ने किया निलंबित

इसकी एवज में उसने उसे पंजाब नेशनल बैंक (PNB) बजौरा शाखा का एक लाख का एक चेक जारी किया था। यह चेक जब उसने रंधाड़ा की शाखा के माध्यम से लगाया तो चेक इस टिप्पणी के साथ वापस आ गया कि इतनी राशि खाते में नहीं है। उसने इस बारे में मनोहर लाल को नोटिस (Notice) भेजा मगर न तो उसने नोटिस ही लिया और न पैसे ही दिए। इस पर उसे अपने वकील महेश चोपड़ा के माध्यम से अदालत में याचिका लगानी पड़ी। आरोपी सजा के निर्णय के खिलाफ सेशन जज की अदालत में गया जहां उसकी अपील खारिज हो गई और निचली अदालत की सजा बरकरार रही।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group… 

 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है