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क्या होता है रत्ती, क्यों बोला जाता है ‘रत्ती भर भी शर्म नहीं है’, जानिए मतलब

एक ही आकार के होते हैं रत्ती के बीज

क्या होता है रत्ती, क्यों बोला जाता है ‘रत्ती भर भी शर्म नहीं है’, जानिए मतलब

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हर किसी ने ये शब्द जरूर सुना होगा या यूं कहें ये वाक्य जरूर सुना होगा कि रत्ती भर शर्म नहीं है। रत्ती शब्द का इस्तेमाल कई जगहों पर किया जाता है। कई बार नगीनों को मापने के लिए और कई बार वजन की इकाई के रूप में इसका इस्तेमाल किया जाता है। आज हम आपको रत्ती की कहानी के बारे में बताएंगे कि आखिर ये रत्ती है क्या और क्यों वजन मापने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।

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‘रत्ती भर शर्म नहीं है’ ये बात तो आपने कई बार सुना होगा, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर इसमें रत्ती का मतलब क्या होता है। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि रत्ती एक पौधे का नाम है। यह जिस पौधे पर उगता है, उसे कोई लोग गूंजा भी कहते हैं। गूंजा नाम के उस पौधे पर कुछ फलियां उगती हैं और उन फलियों के अंदर कुछ बीज होते हैं। फली में उगने वाले इन बीजों को रत्ती कहते हैं। खास बात ये है कि फली किसी भी आकार के हो, ये एक ही आकार के होते हैं। सभी पौधों में और सभी फलियों में एक ही तरीके के रत्ती निकलते हैं।

सभी फलियों पर उगने वाली रत्ती का वजन एक ही होता है यानी इन बीजों की समानता में मिली ग्राम का भी फर्क नहीं होता है। हर इलाके के हिसाब से इसके अलग-अलग नाम है, लेकिन इसके पौधे पहाड़ों में काफी पाए जाते हैं। रत्ती लाल और काले रंग का होता है। अंग्रेजी में रत्ती को Rosary pea कहते हैं, जबकि रत्ती का वैज्ञानिक नाम Abrus precatorius है।

रत्ती वजन में काफी हल्का होता है। कई लोग कहते हैं रत्ती भर भी शर्म नहीं है, इसका मतलब है उन्हें जरा सी भी शर्म नहीं है। हालांकि, सभी रत्ती का वजन एक होने के कारण पहले इसका इस्तेमाल कीमती वस्तुएं मापने या तोलने के लिए होता था। इस कारण रत्ती आज भी फेमस है। अगर रत्ती के वजन की बात करें तो इसमें 121.49 मिलीग्राम वजन होता है। कहा जाता है कि 8 रत्ती का एक माशा होता है और 12 माशा का एक तोला होता है।

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