-
Advertisement
शिमला में अतिक्रमण हटाओ मुहिम ने ली रेहड़ीवाले की जा#न, नगर निगम पर FIR दर्ज
MC Shimla: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नगर निगम (MC) की अतिक्रमण हटाओ मुहिम एक गरीब रेहड़ी धारक के लिए जानलेवा साबित हुई। आईजीएमसी (IGMC) के पास निगम की कार्रवाई के दौरान मची अफरा-तफरी में घायल हुए एक तहबाजारी विक्रेता की बुधवार को अस्पताल में मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे शिमला शहर में रेहड़ी-फड़ी यूनियन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी है और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिमला पुलिस ने नगर निगम के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
यूनियन के अनुसार, यह घटना बीते 31 मई की है।बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला 32 वर्षीय विक्रेता चंदन आईजीएमसी के पास अपनी रेहड़ी लगाता था।
अचानक वहां नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ टीम की गाड़ी पहुंची। निगम की टीम और उनके खौफ को देखकर चंदन घबरा गया और अपना सामान समेट कर भागने लगा।इसी हड़बड़ाहट में वह बुरी तरह गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया।उसे तुरंत उपचार के लिए आईजीएमसी में ही भर्ती करवाया गया, जहां कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद बुधवार को उसने दम तोड़ दिया।
सड़कों पर उतरी यूनियन, उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन
तहबाजारी विक्रेता की मौत के बाद मामला पूरी तरह से तूल पकड़ चुका है। घटना के विरोध में सीटू (CITU) से संबद्ध रेहड़ी-फड़ी तहबाजारी यूनियन ने शहर में हड़ताल का ऐलान कर दिया। गुरुवार को उपायुक्त (DC) कार्यालय के बाहर सैकड़ों रेहड़ी-फड़ी वालों ने एकत्रित होकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया।
यूनियन की प्रमुख मांगें:
मुआवजा: मृतक चंदन के परिवार को तुरंत 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
सख्त कार्रवाई: इस मौत के लिए जिम्मेदार नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
वेंडर्स एक्ट: शहर में ‘स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट’ (Street Vendors Act) को सख्ती और सही तरीके से लागू किया जाए ताकि भविष्य में गरीब दुकानदारों का उत्पीड़न न हो।
सीटू (CITU) ने नगर निगम को ठहराया जिम्मेदार
सीटू के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि 31 मई को नगर निगम की कार्रवाई के दौरान जानबूझकर अफरा-तफरी का माहौल पैदा किया गया, जिसके कारण चंदन की जान गई।मेहरा ने स्पष्ट कहा, “यदि प्रशासन की ओर से खौफ पैदा करने वाली इस तरह की अमानवीय कार्रवाई नहीं की जाती, तो यह दर्दनाक हादसा कभी नहीं होता। इस गरीब की मौत के लिए सीधे तौर पर संबंधित अधिकारी जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।फिलहाल, शिमला पुलिस ने नगर निगम के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद शिमला के रेहड़ी-फड़ी वालों में भारी दहशत और आक्रोश का माहौल है।
संजू चौधरी
हिमाचल अभी अभी की सभी खबरों के पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

