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राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में हिस्सा लेने वाले छात्रों की अटेंडेंस नहीं होगी शॉर्ट, ड्यूटी टाइम में एमआर से नहीं मिलेंगे डॉक्टर
CM Sukhu: सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने व्यवस्था परिवर्तन के तहत आज दो बड़े अहम फैसले लिए हैं। इनमें एक शिक्षा तथा दूसरा स्वास्थ्य के क्षेत्र से जुड़ा है। सीएम सुक्खू कहा है कि राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेलने वाले विद्यार्थियों की अटेंडेंस शॉर्ट नहीं होगी । साथ ही अटेंडेंस पूरी करने के लिए रिलेक्सेशन की शक्तियां हेडमास्टर और प्रिंसिपल को मिलेंगी। इस संबंध में सीएम सुक्खू ने स्कूल शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिये हैं। इससे पहले ऊना के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने सीएम के संज्ञान में छात्रों की समस्या लाई थी किराष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में खेलने के लिए जाने पर उनका गैरहाजिरी लगती थी।
प्रदेश के सभी छात्र-खिलाड़ी, जो राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे, उन्हें विद्यालय की Attendence में आवश्यक रियायत दी जाएगी। इस संबंध में सभी प्रधानाध्यापकों एवं प्राचार्यों को तत्काल प्रभाव से निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
खेल और शिक्षा परस्पर… pic.twitter.com/FVXOlGYA1E
— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) June 16, 2025
ड्यूटी टाइम के बाद डॉक्टर एमआर से मिल सकते हैं
इसके अलावा सीएम सुक्खू ने ड्यूटी टाइम के दौरान मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की डॉक्टरों से मुलाकात पर रोक लगा दी है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव यानी एमआर डॉक्टरों से नहीं मिल सकेंगे । इसकी शुरूआत शिमला के चमियाणा अस्पताल से हुई है। एमआर व डॉक्टरों की मुलाकात से मरीजों को होने वाली दिक्कतों के मद्देनजर सीएम ने ये बड़ा निर्णय लिया है। साथ ही सरकारी आदेश के बावजूद अगर एमआर से डॉक्टर मिलते हैं तो जवाबदेही गय होगी। ड्यूटी टाइम के बाद डॉक्टर एमआर से मिल सकते हैं। इस के बाद सभी अस्पतालों में धीरे-धीरे ये व्यवस्था लागू होगी।
विशेष अवकाश उपस्थिति के रूप में दर्ज करें
सीएम सुक्खू ने कहा राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन प्रदान कर रहे हैं। राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा प्रदान करते हुए सीएम ने विभिन्न खेल निकायों को निर्देश जारी किए हैं कि वे राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को उस अवधि के दौरान विशेष अवकाश उपस्थिति के रूप में दर्ज करें। इस निर्णय का उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना है।
विशेष अवकाश उपस्थित करने के रूप में अंकित होगा
उन्होंने कहा कि वर्तमान में, विभिन्न खेल संघों, महासंघों या बोर्डों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को विशेष अवकाश प्रावधान की कमी के कारण स्कूलों में अनुपस्थित अंकित किया जाता है। इससे न केवल उनकी उपस्थिति प्रभावित होती है, बल्कि उनके आंतरिक मूल्यांकन व शैक्षणिक रिकॉर्ड पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। प्रदेश सरकार अब यह अनिवार्य कर दिया गया है कि मान्यता प्राप्त खेल निकायों द्वारा प्रतियोगिता अथवा कोचिंग कैंप के लिए जारी भागीदारी प्रमाण पत्र या संस्था पत्र स्वीकार किया जाएगा। स्कूलों को ऐसे विद्यार्थियांे को अनुपस्थित अंकित करने के बजाय विशेष अवकाश उपस्थित करने के रूप में अंकित करने के आदेश दिए गए हैं, जो स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) की प्रतियोगिताओं के लिए अपनाए गए प्रावधानों के समान है।
सुनैना जस्वाल
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