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प्लेटफॉर्म बदलने से ऊना रेलवे स्टेशन पर खलबली: ट्रैक पार करने को मजबूर हुए यात्री, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
Una Railway Station: ऊना रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी और खलबली मच गई, जब प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर ट्रेन का इंतजार कर रहे सैकड़ों यात्रियों को अचानक प्लेटफार्म 2 की ओर भागना पड़ा। दौलतपुर चौक से नई दिल्ली जाने वाली ट्रेन नंबर 12058 (जन-शताब्दी एक्सप्रेस) से जुड़ा है। रेल स्विच पॉइंट से छेड़खानी के कारण जन शताब्दी एक्सप्रेस को दूसरे प्लेटफार्म पर डायवर्ट किया गया। गनीमत यह रही कि इस अचानक मची हड़बड़ी के दौरान कोई बड़ा हादसा पेश नहीं आया।
अनाउंसमेंट और भ्रम: स्टेशन पर लगातार अनाउंसमेंट के जरिए ट्रेन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर आने की सूचना मिल रही थी, जिसके चलते सभी यात्री पहले से ही प्लेटफॉर्म 1 पर अपनी ट्रेन का इंतजार कर रहे थे।
अचानक बदला ट्रैक: जैसे ही ट्रेन मुख्य लाइन से प्लेटफॉर्म 1 की बजाय प्लेटफॉर्म 2 की लूप लाइन की ओर मुड़ी, यात्रियों में हड़कंप मच गया। लोग जान बचाने और ट्रेन पकड़ने के लिए फुटर-ओवरब्रिज के जरिए प्लेटफॉर्म 2 की ओर दौड़ पड़े।
पटरियां पार करने की मजबूरी: ट्रेन छूटने के डर से कुछ पुरुष यात्री जान जोखिम में डालकर पटरियों को पार करते हुए ट्रेन में चढ़ते नजर आए।
किसे हुई सबसे ज्यादा परेशानी: इस आपाधापी में छोटे बच्चों के साथ सफर कर रही महिला यात्रियों और भारी-भरकम सामान के साथ यात्रा कर रहे दर्जनों यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
असामाजिक तत्वों की करतूत:
ऊना के स्टेशन अधीक्षक विक्रम के अनुसार, असामाजिक तत्वों द्वारा रेल स्विच पॉइंट (Rail Switch Point) के साथ छेड़खानी की गई थी। इसी तकनीकी छेड़खानी के चलते मजबूरी में फौरन ट्रेन को दूसरे प्लेटफॉर्म की दिशा में डायवर्ट करना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि यदि ट्रेन को तुरंत दूसरे प्लेटफॉर्म की ओर नहीं भेजा जाता, तो यह किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल:
सरहिंद-करटोली रेल खंड पर स्थित ऊना रेलवे स्टेशन से रोजाना वंदे भारत एक्सप्रेस समेत दर्जनों महत्वपूर्ण ट्रेनों की आवाजाही होती है। ऐसे में रेलवे संपत्तियों और स्विच पॉइंट जैसी संवेदनशील चीजों के साथ छेड़खानी होना सुरक्षा व्यवस्था पर बहुत बड़े सवाल खड़े करता है।यात्रियों का कहना है कि रेलवे द्वारा ट्रैक मैन की तैनाती रहती है जो नियमित अंतराल पर पटरियों की जांच करते हैं और हर स्टेशन पर आरपीएफ/जीआरपी के जवान भी तैनात होते हैं, बावजूद इसके इस तरह की घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बनी हुई हैं।
सुनैना जसवाल
