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महादेव की दीवानी ईशानी ने नंगे पांव की श्रीखंड यात्रा, ग्लेशियर,चढ़ाई और पत्थरों के बीच तय हुआ सफर
Shrikhand Mahadev Yatra 2025: उत्तर भारत की कठिनतम धार्मिक यात्राओं में शामिल श्रीखंड महादेव यात्रा को कुल्लू की ईशानी ठाकुर ने नंगे पांव पैदल चलकर पूरा किया है। निरमंड के बागीपुल की रहने वाली 28 साल की ईशानी ने सातवीं बार नंगे पांव 70 किलोमीटर की यह यात्रा की है। साल 2017 में पहली बार नंगे पांव श्रीखंड गई। कोरोना काल में 2020 और 2021 में दो साल यात्रा नहीं की। बाकी हर साल ईशानी पैदल इस यात्रा को कर रही है।
बेघर होने के बाद भी निकली यात्रा पर
पिछली साल 31 जुलाई की रात को श्री खंड महादेव कैलाश यात्रा मार्ग भीम डवारी में बादल फटने से आधा बागीपुल का बाजार बढ़ा की चपेट में आने से कई लोग बेघर हुए थे। फलस्वरूप इस बेघर की लिस्ट में महादेव की दीवानी बागीपुल की ईशानी भी थी। शिवानी का रिहायशी मकान भले महादेव के रौद्र रूप के तेज उफान से बह गया। जबकि इस आशियाने में महादेव की दीवानी ईशानी भी अपने परिवार के साथ बेघर हो गई थी। मगर महादेव की इतनी दीवानी है कि बेघर होने के बाद भी एक बार फिर महादेव के दिव्य धाम श्री खंड महादेव कैलाश यात्रा पर नंगे पैर निकल पड़ी।
9 जुलाई को निकली थी यात्रा पर
ईशानी ने बताया कि उनकी इस बार 7वीं बार महादेव के दिव्य धाम श्री खंड कैलाश दर्शन किए। शिवानी ने बताया कि वे अपने साथियों के साथ 9 जुलाई को यात्रा पर निकली और इस बार भी पिछले लगातार 6 सालों की तरह नंगे पैर ही महादेव के दिव्य धाम के लिए रवाना हुई। वो कहते हैं न कि आस्था को नमन है बस महादेव के ऊपर भरोसा रखिए ।
इस बार बारिश ज्यादा रही
शिवानी ने इस साल भी पिछले की तरह नंगे पैर 32 किलोमीटर का ग्लेशियर और खड़ी चढ़ाई और पत्थरों के बीच सफर तय किया। उन्होंने इस बार और पिछले 6 बार का अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस बार बारिश ज्यादा रही और बारिश के बीच ठंड में दर्शन हुए। शिवानी ने प्रशासन की खूब तारीफ करते हुए कहा कि इस बार प्रशासन की ओर से कठिन रस्ते में ट्रैकिंग रस्सी लगाई गई है जिससे आसानी से क्रॉसिंग हो जाती है। और बाहरी राज्यों के लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है बड़े आसानी पूरे रस्ते में आने जाने की सही व्यवस्था की गई है।
छविंद्र शर्मा

