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यहां जलती लाशों के बीच मिलेगी शिक्षा, खौफ में हैं बच्चे और परिजन
शिमला। शिक्षा के मंदिर के ठीक सामने श्मशान। सुनकर ही रूह कांप जाती है। लेकिन यह हो रहा है। शिमला के टूटीकंडी वार्ड में हीरानगर स्थित राजकीय माध्यमिक पाठशाला से महज 100 मीटर दूर श्मशान घाट बनाया जा रहा है। बच्चे डरे हुए हैं। उनके माता-पिता भी खौफ में हैं, लेकिन प्रशासन जिद छोड़ने को तैयार नहीं है। बनने पर इस मोक्षधाम में लाशें जलेंगी। फिर स्कूल में बच्चे कैसे पढ़ पाएंगे।
हालत यह है कि अब बच्चे स्कूल की चौखट पार करने से भी डरते हैं। मंगलवार को बच्चों के अभिवावक स्कूल के बाहर एकत्रित हुए और मोक्षधाम का विरोश किया। अभिवावकों ने कहा कि अभी मोक्ष धाम बन रहा है जब यह बन जायेगा तो सुबह-शाम बच्चों के लिए यह उचित नहीं होगा।

कैसे पढ़ेंगे
स्कूल में पढ़ रहे बच्चों ने कहा कि शुरू में हमे पता नहीं था कि यहां क्या बनाया जा रहा है। जब पता चला कि यहां श्मशान घाट बन रहा है तो डर लगने लगा। श्मशान घाट स्कूल के अंदर से भी दिखता है तथा गेट के बाहर आते ही इस पर सीधी नजर पड़ती है। आठवीं कक्षा के सौरव ने कहा कि जब यह बनकर तैयार हो जाएगा तब जलते शवों का धुआं सीधा स्कूल के अंदर आएगा। यहां से घरों को पानी भी जाता है। बच्चों ने कहा कि अब स्कूल में आने में डर लगता है।
बच्चों को नहीं भेजेंगे
स्कूल के पालक शिक्षक समिति की प्रधान ने कहा की स्कूल के समीप मोक्षधाम नहीं बनना चाहिए। छोटे बच्चे स्कूल आते हैं। वे सवाल करते हैं कि यह क्या बन रहा है। उन्हें जब पता चला, तब से डर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसे किसी और जगह बनाया जाए। यह क्षेत्र चारों ओर से चीर के जंगल से घिरा है। कभी भी आगजनी की घटना घट सकती है। अभिवावकों ने कहा कि अगर श्मशान घाट को यहां से हटाया नहीं गया तो वे स्कूल में बच्चों को भेजना बन्द कर देंगे।

कोर्ट जो कहेगा, वहीं करेंगे
वार्ड की पार्षद व उपमहापौर उमा कौशल ने कहा कि ने कहा कि इस क्षेत्र में जो मोक्षधाम का निर्माण स्थानीय लोगों की मांग पर ही किया जा रहा है। 2019 में इसका प्रस्ताव सदन से पारित हुआ था। लोगों को दिक्कत आ रही थी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने इसका विरोध किया था और अब यह मामला न्यायालय में है। न्यायालय जो भी निर्णय देगा वह मान्य होगा। अगर इसे हटाने के निर्देश दिए जाएंगे तब इसे हटा दिया जाएगा।
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