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हिमाचल: डाक विभाग ने निकाली क्रांतिकारी भाई हिरदा राम के नाम की माई स्टांप

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत स्वतंत्रता सेनानी को दिया गया सम्मान

हिमाचल: डाक विभाग ने निकाली क्रांतिकारी भाई हिरदा राम के नाम की माई स्टांप

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मंडी। देश की आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत डाक विभाग (Postal Department) ने मंडी के स्वतंत्रता सेनानी रहे भाई हिरदा राम (Bhai Hirda Ram) के नाम की माई स्टांप बनाई है। जिसकी एक फ्रेम डाक विभाग ने शुक्रवार को स्वतंत्रता सेनानी रहे भाई हिरदा राम के पौत्र को मंडी में प्रदान की। इसमें भाई हिरदा राम की फोटो छपी है। विभाग ने 12 माई स्टांप की एक फ्रेम परिजनों को सौंपी। इस मौके पर स्वतंत्रता सेनानी भाई हिरदा राम के पौत्र शमशेर सिंह ने विभाग द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को दिए जा रहे इस प्रकार के सम्मान के लिए आभार जताया। वहीं, उन्होंने हिमाचल सरकार (Himachal Government) से भाई हिरदाराम ट्रस्ट के लिए जमीन मुहैया करवाने की भी मांग उठाई है। ताकि स्वतंत्रता सेनानी भाई हिरदा राम के बलिदान की गाथा को संजोकर रखा जा सके। इसके साथ ही उन्होंने शहर में लगी उनके दादा की प्रतिमा के सही रखरखाव की मांग भी उठाई है।

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डाक विभाग के लिए गर्व की बात

इस मौके पर डाक विभाग मंडी के मंडल प्रवर अधीक्षक भवानी प्रसाद ने बताया कि उनके विभाग के लिए यह गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता में अपना अहम योगदान देने वाले सेनानियों का सम्मान करने का मौका मिला है। भवानी प्रसाद ने बताया कि देश की आजादी के स्वर्णिम महोत्सव के मौके पर अन्य कार्यक्रमों का आयोजन भी विभाग द्वारा करवाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत ही मंडी शहर के स्वतंत्रता सेनानी की माई स्टांप बनाई गई है।

 

गदर पार्टी में शामिल थे हिरदाराम

बता दें कि भाई हिरदाराम मंडी रियासत के महान देश भक्त व क्रांतिकारी रहे हैं। जिन्होंने देश के स्वतंत्रता संग्राम में अपनी अहम भूमिका निभाई। उनका जन्म 28 नवंबर 1885 को पिता गज्जन सिंह के घर मंडी में हुआ। भाई हिरदा राम गदर पार्टी के प्रमुख सदस्य थे और उन्हें लाहौर बम षड़यंत्र में फांसी की सजा हुई थी, जिसके बाद यह सजा आजीवन कारावास में बदल दी गई। अंडमान निकोबार की जेल में सजा काटने के बाद वे घर आए और 21 अगस्त 1965 में उनका देहांत हो गया।

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