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सिरमौर में जमीन का विवाद सुलझाने के नाम पर 10 लाख की ठगी, कानूनगो समेत 4 लोगों पर FIR दर्ज
Himachal News: जिला सिरमौर के धौलाकुआं में करीब 11 बीघा जमीन का विवाद सुलझाने और उसकी निशानदेही करवाने के नाम पर 10 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर माजरा पुलिस ने कानूनगो परमजीत सिंह समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चारों आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
निशानदेही के नाम पर ली 10 लाख की रिश्वत
शिकायतकर्ता रफीक मोहम्मद के अनुसार, उसने धौलाकुआं में 11 बीघा जमीन खरीदी थी। जब उसने जमीन की निशानदेही (Demarcation) के लिए आवेदन किया, तो कानूनगो परमजीत सिंह ने बताया कि इस जमीन पर पहले से ही कोर्ट केस चल रहा है। आरोप है कि कोर्ट केस खत्म करवाने और निशानदेही का काम पूरा करने के एवज में उससे 10 लाख रुपये की मांग की गई।
दो किश्तों में दिए गए पैसे, फिर भी मिली धमकी
शिकायत के मुताबिक, 25 जनवरी को कानूनगो ने शिकायतकर्ता को बुलाया। अगले दिन रफीक अपने चालक के साथ कानूनगो के घर पहुंचा, जहां कुलदीप, रविंद्र और धीरज भी मौजूद थे। वहां बातचीत के बाद 1.50 लाख रुपये नकद दिए गए। इसके बाद 28 जनवरी को बाकी के 8.50 लाख रुपये अन्य आरोपियों को सौंपे गए। रकम वसूलने के बाद भी न तो जमीन की निशानदेही की गई और न ही विवाद निपटा। उल्टा जब पीड़ित ने काम न होने पर अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने उसे धमकी देना शुरू कर दिया। पीड़ित का दावा है कि उसके पास इस पूरे लेन-देन और घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है।
पुलिस की जांच जारी, अग्रिम जमानत खारिज
माजरा पुलिस थाने में कानूनगो परमजीत सिंह, कुलदीप, रविंद्र और धीरज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।एसपी सिरमौर (NS Negi) ने बताया कि पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। लेन-देन के दावों, आरोपियों की आपसी मिलीभगत और कोर्ट केस से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। उधर, अदालत ने चारों आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिससे आरोपियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।
एचके पंडित
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