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Vigilance के जाल में फंसा हरोली थाने का ASI, तीन हजार की रिश्वत लेते दबोचा
Crime News: ऊना। स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने जिला के हरोली थाना में तैनात एक ASI को 3000 रुपये की रिश्वत (Bribe) लेते रंगे हाथों में सफलता हासिल की है। विजिलेंस की टीम (Vigilance Team) ने इस कार्रवाई को DSP विजिलेंस कुलविंदर सिंह की अगुवाई में अंजाम दिया है। घटना के संबंध में आरोपी ASI के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि दो गुटों में मारपीट की घटना को लेकर समझौता करवाने के लिए इस ASI द्वारा एक पक्ष से 3000 रुपये देने की मांग (Demand) की गई थी।
ASI निर्मल पटियाल ने की 3000 रुपये की डिमांड
मिली जानकारी के मुताबिक, स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो के थाना ऊना में हरोली (Haroli) उपमंडल के भदसाली गांव के रहने वाले अंकिश कुमार उर्फ मोनू पुत्र रामकुमार राणा ने शिकायत दी थी कि थाना हरोली में उनके और उनके प्रतिवादी पक्ष के बीच मारपीट की घटना को लेकर क्रॉस शिकायतें लंबित चल रही हैं। इसी मामले में उन्होंने समझौता करने की पेशकश की तो आरोपी सहायक उप निरीक्षक निर्मल पटियाल ने 3000 रुपये की डिमांड कर दी। पुलिस अधिकारी द्वारा पैसे मांगे जाने पर पीड़ित ने स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ऊना को मामले की जानकारी दी।
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विजिलेंस ने बनाया आरोपी को पकड़ने का प्लान
जिसके बाद विजिलेंस ने जाल बिछाकर आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए प्लान तैयार किया। विजिलेंस योजना के मुताबिक, रविवार रात पीड़ित युवक विजिलेंस द्वारा दिए गए करेंसी नोट लेकर आरोपी एएसआई के पास पहुंचा और उसने वह राशि एएसआई सुपुर्द भी कर दी। इसके तुरंत बाद विजिलेंस की टीम ने हरोली थाने में पहुंचकर अंकिश कुमार द्वारा एएसआई को दिए गए रुपए भी बरामद किए और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने में सफलता हासिल कर ली। डीएसपी विजिलेंस कुलविंदर सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि विजिलेंस ने आरोपी एएसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

