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उम्र में छोटा हूं विवाद नहीं चाहता विक्रमादित्य बोले- किसी सुरक्षा की जरूरत नहीं
Vikramaditya Singh: मैं उम्र में छोटा हूं, इसलिए किसी को लेकर विवाद नहीं करना चाहता। यह बात लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मंत्री अनिरुद्ध सिंह के अधिकारियों को लेकर दिए गए बयान और उससे जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कही। उन्होंने साफ किया कि वह टकराव की राजनीति में विश्वास नहीं रखते, लेकिन प्रदेश की जनता के हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे।
विक्रमादित्य बोले,मैं बिना पुलिस सुरक्षा के भी रह सकता हूं, लोगों का समर्थन है@anirudhsinghMLA @rajeevbindal @nitin_gadkari @NHAI_Official @himachalpolice @VikramadityaINC @RahulGandhi @NitishKumar @myogiadityanath
@priyankagandhi @SukhuSukhvinder pic.twitter.com/u6yjXFYe5j— Himachal Abhi Abhi (@himachal_abhi) January 15, 2026
पहली प्राथमिकता ‘सर्विस ऑफ द पीपल’
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वह पहले ही इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं और सभी का सम्मान करते हैं। भारत एक संघीय गणराज्य है, जहां संविधान के तहत हर संस्था और पद की अपनी-अपनी जिम्मेदारी तय है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का मूल उद्देश्य केवल जनता की सेवा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वो इस कुर्सी पर इसलिए बैठे हैं क्योंकि प्रदेश की जनता ने चुना है। उनकी पहली प्राथमिकता ‘सर्विस ऑफ द पीपल’ है। अगर कहीं कोई कमी दिखती है या जनता के हित प्रभावित होते हैं, तो उसे उठाना उनका दायित्व और नैतिक जिम्मेदारी है।
सेवक खुद को शासक समझने की भूल ना करे
अधिकारियों से जुड़े बयान को लेकर विक्रमादित्य सिंह ने दो टूक कहा कि कोई भी सार्वजनिक सेवक खुद को शासक समझने की भूल ना करे। अगर ऐसा होता है, तो जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य बनता है कि वे जनता के हित में सवाल उठाएं। इस जिम्मेदारी से वो कभी पीछे नहीं हटेंगे। मंत्री अनिरुद्ध सिंह के बयान के बाद सामने आए IPS अधिकारियों के रुख और सीएम से अपॉइंटमेंट को लेकर भी विक्रमादित्य सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके मन में IPS एसोसिएशन और अधिकारियों के लिए पूरा सम्मान है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोग इतने कमजोर नहीं हैं कि उन्हें किसी अतिरिक्त सुरक्षा की आवश्यकता पड़े। उन्होंने कहा कि उनके लिए प्रदेश की जनता का प्यार, समर्थन और आशीर्वाद ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। उन्हें किसी और सुरक्षा की जरूरत नहीं है। जो भी सुरक्षा वापस लेनी है, ले सकते हैं।
नैतिक मूल्यों और संस्कारों से कभी समझौता नहीं
सरकार के भीतर मंत्रियों के बीच सोशल मीडिया पर समर्थन और विरोध को लेकर चल रही चर्चाओं पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में मतभेद स्वाभाविक हैं। लेकिन वह अपने सिद्धांतों, नैतिक मूल्यों और संस्कारों से कभी समझौता नहीं करेंगे। इन्हीं मूल्यों से किसी व्यक्ति की पहचान बनती है। विक्रमादित्य सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि वह जहां भी होंगे चाहे शिमला में हों या दिल्ली में हिमाचल प्रदेश के लोगों के मुद्दे उठाते रहेंगे। प्रदेश के 75 लाख लोगों के प्रति जवाबदेही है। अगर मुझे कहीं भी लगेगा कि हिमाचल के हितों से समझौता हो रहा है, तो मैं लगातार आवाज़ उठाता रहूंगा।
अपॉइंटमेंट मांगे जाने के मुद्दे ने भी तूल पकड़ा
गौरतलब है कि मंत्री अनिरुद्ध सिंह के अधिकारियों को लेकर दिए गए बयान के बाद प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई थी। इसी क्रम में IPS अधिकारियों द्वारा विक्रमादित्य सिंह से मुलाकात से इनकार और सीएम से अपॉइंटमेंट मांगे जाने के मुद्दे ने भी तूल पकड़ा, जिस पर अब मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने खुलकर अपनी बात रखी है।
संजू चौधरी
