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विक्रमादित्य सिंह संभालेंगे राजगद्दीः राजतिलक के बाद होगा वीरभद्र सिंह का अंतिम संस्कार
शिमला। 13 साल की उम्र में राजगद्दी संभालने वाले राजा वीरभद्र सिंह (Virbhadra Singh) का आज सुबह तड़के देहांत हो गया। उनका रविवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। लेकिन इससे पहले उनके वारिस विक्रमादित्य सिंह (Vikramaditya singh) का राज दरबार पदम पैलेस में राजतिलक किया जाएगा और उन्हें राजगद्दी पर बिठाने के बाद ही वीरभद्र सिंह का अंतिम संस्कार किया जाएगा। जानकारी देते हुए पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के सचिव राम आसरे ठाकुर ने बताया कि राज परिवार का इतिहास रहा है कि राजा के अंतिम संस्कार (Funeral) से पूर्व राजगद्दी संभालने वाले राजकुमार का राजतिलक (Raj Tilak) विधि-विधान के साथ किया जाता है। इसी के चलते विक्रमादित्य सिंह का राज दरबार पदम पैलेस में पहले राजतिलक किया जाएगा और उसके बाद 10 जुलाई शाम तीन बजे रामपुर में वीरभद्र सिंह का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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बता दें कि राजा वीरभद्र सिंह ने 13 साल की उम्र में बुशहर (Bushahr) रियासत की राजगद्दी संभाली ली थी। उनके पिता राजा पदमदेव का देहात वर्ष 1947 में हुआ था। उस समय राजा पदमदेव के अंतिम संस्कार से पहले राजा वीरभद्र सिंह का राजतिलक किया गया था। 13 वर्ष की आयु में बुशहर रियासत की राजगद्दी संभालने वाले वीरभद्र सिंह पहले राजा बने थे। आजाद भारत में जहां राजशाही प्रथा समाप्त हो गई थी, बावजूद इसके राजा वीरभद्र सिंह का परंपराओं के तहत राजतिलक किया गया था। वीरभद्र सिंह ने हिमाचल की कमान छह बार बतौर सीएम कमान संभाली और प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में काफी बड़ी भूमिका अदा की। बुशहर रियासत की शान वीरभद्र सिंह का जन्म 1934 में शोणितपुर जिसे वर्तमान समय में सराहन के नाम से जाना जाता है, में हुआ था।
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