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अब नहीं चलती तिमंजिला बसें, बंद होने का यहां पढ़ें कारण
दुनिया में हर एक चीज हर एक जगह का कुछ ना कुछ इतिहास जरूर रहा है। बसों के इतिहास में डबल डेकर बसों (Double Decker Buses) और ट्रिपल डेकर बसों (Triple Decker Buses) का भी स्थान रहा है। डबल डेकर बसें और ट्रिपल डेकर बसें लोगों को अपनी ओर काफी आकर्षित करती थीं, लेकिन अपने व्यवहारिक कारणों से ये बसें स्थायी रूप से शहरों की गलियों में नहीं दौड़ सकीं।
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गौरतलब है कि बसों (Buses) की अलग-अलग डिजाइन आज भी लोगों को आकर्षित करते हैं। बता दें कि बसों की छतों की संख्या बढ़ने से बसों की ऊंचाई अस्थिरता की हद तक बढ़ जाती है, जिस कारण उन्हें मोड़ना जोखिम भरा हो जाता है और हवा भी उन्हें आसानी से पलटा सकती है।
साल 1923 में दुनिया में पहली डबल डेकर बस चली थी, लेकिन ट्रिपल डेकर बसों के बारे में दुनिया में काफी कम लोग जानते हैं। दुनिया की पहली ट्रिपल डेकर बस साल 1926 में चली थी। यह बस बर्लिन (Berlin) के स्टेटिनर रेलवे स्टेशन के लिए चली थी। इसके बाद साल 1954 में मल्टी लेवल बसें (Multi level buses) आईं, जिसमें रूट मास्टर डबल डेकर बाजार में आई। इस तरह की बसें सबसे पहले लंदन में दिखाई दी थी। जिसके बाद इस तरह की ट्रिपल डेकर बसें देखने को मिली।
कई शहरों में ट्रिपल डेकर बसें सामान्य बसों की तरह दिखती रहीं और लोग इन्हें काफी पसंद भी करती रहीं। हालांकि, आज के समय में ट्रिपल डेकर बसें ज्यादा दिखाई नहीं देती हैं। साल 2012 में न्यूजीलैंड (New Zealand) में ट्रिपल डेकर बसें चलाई गई थीं। वहीं, लंदन ओलंपिक के दौरान भी शहर में ट्रिपल डेकर बसें चलती देखी गई थीं।
बता दें कि एक ट्रिपल डेकर बस हैरी पॉटर और अजकबान का कैदी में भी दिखाई दी गई थी, जिसका नाम नाइट बस (Knight Bus) था। यह बस मूवी के लिए बनाई गई थी, लेकिन यह वास्तविक बस ही थी। हालांकि, इसमें मूवी की तरह जादुई शक्तियां नहीं थी।
