-
Advertisement
हिमाचल में बड़ा खतराः लैंडस्लाइड से चंद्रभागा नदी का बहाव रुका, घर डूबे-खाली करवाए गांव
केलांग। हिमाचल प्रदेश में इन दिनों प्रकृति अपना रौद्र रूप दिखा रही है। प्रदेश के जनजातीय जिला लाहुल- स्पीति ( Tribal District Lahul-Spiti) की पट्टन घाटी के नाल्डा गांव के निकट पहाड़ी घंसने से चंद्रभागा नदी ( Chandrabhaga River) का बहाव रुक गया है। यहां पर जुण्डा नाले के सामने पूरी नालड़ा की पहाड़ी चंद्रभागा में आ गिरी। भारी मात्रा में आए मलबे ( landslide) ने चंद्रभागा नदी के बहाव रोक दिया है। चंद्रभागा नदी का बहाव रूकने से जूंडा, तडंग और जसरथ गांव की सैकड़ों बीघा जमीन फसल के साथ जलमग्न हो गई है। जसरथ और तंडग गांव के लोग अपनी जान बचाने के लिए घर छोड़कर भागे। स्थिति अभी भी सामान्य नहीं हुई है। जसरथ गांव अभी भी खतरे की जद में है। जसरथ पुल के एक छोर तक पानी पहुंच गया है। तकनीकि शिक्षा मंत्री रामलाल मार्कंडेय और डीजीपी संजय कुंडू लाहुल का हवाई सर्वे करने के लिए शिमला से हेलिकॉप्टर से लाहौल गए हैं।सीएम जयराम ठाकुर ने ज़िला प्रशासन को निर्देश दिए है कि यह सुनिश्चित किया जाए इसके कारण किसी को भी किसी भी प्रकार का नुक़सान ना हो।
https://twitter.com/jairamthakurbjp/status/1426086245839425541
एसपी लाहुल-स्पीति मानव वर्मा ने घाटी के सभी प्रधानों से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है।शुक्रवार सुबह लगभग नौ बजे के समय पहाड़ी घंसने आवाज समस्त पट्टन घाटी( Pattan Valley) में सुनाई दी। इसके बाद पहाड़ी से मलबा लगातार गिर रहा है। इस मलबे ने चंद्रभागा नदी के बहाव को रोका हुआ है।
ये भी पढ़ेः हिमाचल में बड़ा हादसा-तीन दुकानें जलकर राख, लाखों का नुकसान

बहाव रुकने से जाहलमा से किलाड़ घाटी तक सड़क किनारे रह रहे लोगों को खतरा पैदा हो गया है। जुंडा से जोबरंग की ओर नदी किनारे की जमीन में पानी भर रहा है। जसरथ गांव के लोगों को ज्यादा खतरा है। जाहिर है इन दिनों प्रदेश के दो जिले किन्नौर व लाहुल स्पीति प्रकृति की मार सह रहे हैं। किन्नौर के न्यूगल सेरी में हुए लैंडस्लाइड में अभी कर 15 शव मिल पाए हैं। यहां पर राहत व बचाव कार्य जारी है।
हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group


