Covid-19 Update

2,06,832
मामले (हिमाचल)
2,01,773
मरीज ठीक हुए
3,511
मौत
31,855,783
मामले (भारत)
201,702,198
मामले (दुनिया)
×

हरिद्वार व चंद्रभागा नदी के अलावा प्रदेश के 72 ब्लॉकों में विसर्जित होंगी वीरभद्र सिंह की अस्थियां

कल सुबह जोबनी बाग से पद्म पैलेस लाई जाएंगी वीरभद्र सिंह की अस्थियां

हरिद्वार व चंद्रभागा नदी के अलावा प्रदेश के 72 ब्लॉकों में विसर्जित होंगी वीरभद्र सिंह की अस्थियां

- Advertisement -

शिमला। स्वर्गीय पूर्व सीएम राजा वीरभद्र सिंह (Virbhadra Singh) की अस्थियां सोमवार सुबह जोगनी बाग से लाई जाएंगी। प्रदेश के 72 ब्लॉकों में वीरभद्र सिंह की अस्थि विसर्जन (ashes will be immersed ) कार्यक्रम रखा गया है। जानकारी देते हुए वरिष्ठ नागरिक आत्माराम केदारटा ने बताया कि स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की अस्थियां सोमवार सुबह जोगनी बाग से लाई जाएंगी। इस दौरान घर का सदस्य, पंडित व अन्य लोग मौके पर मौजूद रहेंगे। जोबनी बाग से कलश के माध्यम से अस्थियां व राख पदम पैलेस में लाई जाएगी। पूर्व सीएम स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के अस्थियों के विसर्जन का कार्यक्रम 17 जुलाई तक पूरा किया जाएगा। राजा वीरभद्र सिंह की अस्थियां दो स्थानों पर प्रवाहित की जाएंगी। हरिद्वार (Haridwar) व लाहुल स्पीति के चंद्रभागा नदी (Chandrabhaga river) में घर के सदस्य अस्थि विसर्जन करेंगे। इसी दिन प्रदेश के 72 ब्लॉकों में भी अस्थि विसर्जन कार्यक्रम रखा गया है। हिमाचल में कांग्रेस के 72 ब्लॉक मौजूद हैं इन सभी ब्लॉकों में पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह की राख का प्रवाह किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसको लेकर पहले आपस में चर्चा की जाएगी और इसके बाद विभिन्न ब्लॉकों के लिए राख भेजी जाएगी व ब्लाक के कार्यकर्ता स्वयं यहां पर आकर राख ले जाएंगे। ब्लॉक स्तर पर ही पवित्र नदियों में अस्थि विसर्जन किया जाएगा। 18 जुलाई को रामपुर स्थित पदम पैलेस (Padm Palace) में शुद्धि कार्यक्रम रखा गया है।

यह भी पढ़ें: अब वीरभद्र सिंह पार्क के नाम से जाना जाएगा भीमा काली मंदिर परिसर का बाल उद्यान पार्क

बता दें कि स्वर्गीय पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह का निधन 8 जुलाई सुबह करीब 3.40 बजे शिमला स्थित आईजीएमसी (IGMC) अस्पताल में हुआ। उनकी पार्थिव देह को 10 जुलाई शनिवार को रामपुर बुशहर उनेक पैतृक घर लाया गया। वहीं, से रामपुर के जोगनी बाग में वीरभद्र सिंह का पार्थिव शरीर पिछले शनिवार को पंचतत्व में विलीन हो गया। पैतृक घर रामपुर बुशहर में राजा वीरभद्र सिंह का अंतिम संस्कार पूरे पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया गया। उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह (Vikramaditya Singh) ने उनकी पार्थिव देह को मुखाग्नि दी। एक खास तरह के श्बमाणश् में उनका शव पदम पैलेस से श्मशाम घाट तक लाया गया। शेरों के 12 मुखी इस बमाण को बनाने में कारीगरों को दो दिन का वक्त लगा। बमाण पर खासतौर पर नक्‍काशी कर इसे सजाया गया।


हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group 

 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है