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कैंची से काट डाले लाखों रुपए के लग्जरी बैग, लड़कियों की इन हरकतों के पीछे यह है बड़ी वजह
रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War ) का असर दुनिया भर में अलग-अलग चीज़ों पर पड़ रहा है। रूस के प्रोडक्ट्स (Russian Products Ban in Europian Countries) पर यूरोपियन देशों की ओर से बैन लगाया जा रहा है तो रूस भी उनके इस आर्थिक हमले पर अपने स्तर पर प्रतिक्रिया दे रहा है। इसमें रूस के नागरिक भी शामिल हो रहे हैं। हम पहले भी रूसी वोदका को लेकर कई देशों की ओर से अपनाया गया रुख देख चुके हैं। वहीं अमेरिकन फूड चेन मैकडॉनल्ड (McDonald’s) ने अपना आउटलेट रूस में बंद कर दिया था। ताज़ा मामले में फ्रेंच लक्ज़री कंपनी Chanel ने रशियन लोगों को अपने प्रोडक्ट्स न बेचने का फैसला लिया है। इसके बदले रूस की अमीर, ग्लैमरस लड़कियां उन्हें दिखाने के लिए अपने खरीदे हुए पुराने शनेल बैग्स (Russian Girls Cutting Chanel Bags) कैमरे के सामने काटकर टुकड़े-टुकड़े कर दिए हैं।
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लाखों के बैग काटने में परहेज़ नहीं
जब से उन्हें पता चला है कि शनेल ब्रांड (shanell brand) की ओर से रशिया को लेकर एक फोबिक माइंडसेट बना लिया गया है, तब से रूस की अमीरज़ादियों ने इनके ब्रांडेड बैग्स को टुकड़ों में तब्दील कर दिया है। वे खुद ही कैंची (Scissors) लेकर शनेल के बैग्स बर्बाद करके दिखा रही हैं। यूक्रेन (Ukraine) पर हमले की वजह से शनेल की ओर से लेकर से रूस में ट्रेड पर रोक लगाई गई है, जिसके बदले अपनी मातृभूमि के प्रति प्यार दिखाती हुई लड़कियों ने इस ब्रांड के बैग्स खुद ही बर्बाद कर दिए हैं। Daily Star की रिपोर्ट के मुताबिक 28 साल की एक्ट्रेस मरीना ने कहा कि वे कभी भी इस ब्रांड के बैग नहीं खरीदेंगी। Chanel बैग खरीदना अपने देश के खिलाफ जाने जैसा है।
Russophobia के चलते हुआ नुकसान
मरीना की तरह ही रूस की तमाम अमीर लड़कियां वीडियो के ज़रिये अपने देश के प्रति प्यार को दिखा रही हैं। वे रूस को लेकर यूरोपियन ब्रांड्स की इस नफरत को Russophobia नाम देती हैं और कहती हैं कि उन्हें ये ज़रा भी बर्दाश्त नहीं. वैसे शनेल लग्ज़री ब्रांड के अलावा McDonald’s और Coca Cola जैसी फूड एंड ब्रेवरेज कंपनियां भी रूस में अपना कारोबार फिलहाल के लिए रोक चुकी हैं।

