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8किमी पैदल चलकर स्कूल पहुंचते हैं छात्र, बस आती है हफ्ते में एक दिन
मंडी/करसोग। यूं तो प्रदेश सरकार स्कूली छात्रों को सुविधा देने के बड़े-बड़े दावे करती है। मगर हकीकत में सभी दावे जीरो हैं। सीएम जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) के गृह जिला मंडी में ही स्कूलों की दशा और दिशा खराब है। जब स्कूली छात्रों को इस भारी बरसात में आठ-आठ किलोमीटर का पैदल सफर तय कर स्कूल पहुंचना पड़े तो ऐसे में हिसाब लगाया जा सकता है कि प्रदेश सरकार ( Himachal govt)स्कूली बच्चों के प्रति कितनी संजीदा है। वो सीएम के गृह जिले में ही।
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करसोग (Karsog)विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बखरोट (Bakhrot)में शिक्षा हासिल करने वाले छात्र इसी दुविधा को झेल रहे हैं। यहां स्कूल के समय और स्कूल में छुट्टी होने के समय में बस ना होने से बड़ी समस्या आ रही है। इस कारण इन छात्रों को स्कूल पहुंचने के लिए आठ किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। सोरता, बथारनाला और इसके आसपास के बच्चे रोज यही समस्या झेल रहे हैं। हालांकि भारी बरसात का दौर है। सड़क पर भूस्लखलन हो रहा है और ये बच्चे रोज दो घंटे का पैदल सफर तय कर स्कूल पहुंच रहे हैं। वहीं बखरोट स्कूल में पढ़ने वाली अंजली व पंकज का कहना है कि हम रोज बथारनाला (Batharnala)से पैदल स्कूल पहुंचते हैं। स्कूल के समय पर जो बस सराही से वाया बिठरी होकर करसोग चलती थी वह हफ्ते में सिर्फ एक बार ही आती है। इन दिनों बारिश के चलते उन्हें बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, हिमाचल पथ परिवहन निगम करसोग क्षेत्रीय प्रबंधक पीयूष शर्मा का कहना है की बस को नियमित रूप से चलाया जाएगा। बस में कोविड के मामले आने के बाद कुछ समय बस सेवा बाधित की गई थी है लेकिन कोशिश रहेगी कि स्कूल के समय पर बस को नियमित रूप से चलाया जा सके।
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