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अलग-अलग रंग के होते हैं भारतीय पासपोर्ट, रैंक के हिसाब से मिलती हैं सुविधाएं
हमारे देश का कोई भी नागरिक बिना पासपोर्ट के किसी दूसरे देश में नहीं जा सकता है। भारत से बाहर यात्रा करने के लिए पासपोर्ट (Passport) को एक आईडी प्रूफ की तरह इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, भारतीय पासपोर्ट तीन तरह का होता है और ये अलग-अलग रंगों के होते हैं।
बता दें कि भारतीय पासपोर्ट सफेद, मैरून और नीले रंग का होता है। तीनों पासपोर्ट अलग-अलग तरह के होते हैं। भारतीय अधिकारी और सरकारी ऑफिशियल्स यानी आईएएस और आईपीएस रैंक के अधिकारी मैरून रंग का होता है। इस पासपोर्ट को हाई क्वालिटी पासपोर्ट माना जाता है।
अलग होता है पासपोर्ट
मैरून रंग का पासपोर्ट बनवाने के लिए अलग से एप्लीकेशन फॉर्म भरना पड़ता है। ये पासपोर्ट साधारण पासपोर्ट से अलग होता है।

मिलती हैं कई सुविधा
मैरून (Maroon) रंग वाले भारतीय पासपोर्ट वाले लोगों को यात्रा के समय कई सारी सुविधाएं मिलती हैं और इमिग्रेशन भी आसानी से हो जाता है। इसके अलावा विदेश में कोई भी मैरून रंग के पासपोर्ट वाले व्यक्ति पर आसानी से केस नहीं दर्ज कर सकता है।
मिलती है ऑफिशियल आइडेंटिटी
बता दें कि अगर कोई सरकारी अधिकारी किसी ऑफिशियल या सरकारी काम के लिए विदेश जाता है तो वो सफेद पासपोर्ट को इस्तेमाल करता है। सफेद (White) पासपोर्ट से उस व्यक्ति को ऑफिशियल आइडेंटिटी मिलती हैं और भी कुछ सुविधाएं मिलती हैं।

आम नागरिकों के लिए
वहीं, नीले (Blue) रंग का भारतीय पासपोर्ट देश के आम नागरिकों के लिए होता है। इस पासपोर्ट को रेगुलर पासपोर्ट के रूप में जाना जाता है। इस पासपोर्ट की मदद से पता चलता है कि व्यक्ति भारतीय ऑफिशियल है या नहीं।

होती है पूरी जानकारी
नीले रंग के पासपोर्ट पर व्यक्ति की पूरी जानकारी होती है। इस पासपोर्ट के लिए आसानी से अप्लाई किया जा सकता है। ये पासपोर्ट लगभग 25 दिनों के बाद मिल जाता है।
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