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मनमानी: मंजिल से 8 किमी पहले HRTC कंडक्टर का अंदाजे बयां: मेरा घर आ गया, सब उतर जाओ
वीरेंद्र भारद्वाज/ मंडी। मंडी (Mandi) से वाया पतरांहण रखोटा (Rakhota) जाने वाली HRTC की बस का कंडक्टर (Conductor) मुसाफिरों को मंजिल तक उतारने के बजाय उन्हें 8 किलोमीटर दूर अपने घर के सामने उतारकर चल देता है। उसके बाद मुसाफिरों (Passengers) को अंधेरे में धक्के खाते हुए बाकी का रास्ता पैदल तय करना पड़ता है।
रखोटा से 8 किलोमीटर पहले दुर्गापुर में कंडक्टर का घर पड़ता है। दुर्गापुर आते ही वह यात्रियों से कहता है, ‘अब मेरा घर आ गया है। आगे बस नहीं जाएगी’। उसके बाद ड्राइवर और कंडक्टर बस को दुर्गापुर में ही खड़ी कर देते हैं। रखोटा नहीं ले जाते, जबकि पंचायत ने रखोटा में ही अपने स्तर पर दोनों के रहने-खाने का इंतजाम किया हुआ है।
बीते 5 दिन से यही हाल
रखोटा वासी कश्मीर, अमर सिंह, रजनी देवी और प्यार चंद ने बताया कि पिछले 5 दिनों से यह बस रखोटा नहीं पहुंची है। लोगों का कहना है कि मंडी से रखोटा के लिए अंतिम और सुबह 6.30 बजे मंडी के लिए यही एकमात्र बस है। बस के न आने से लोगों को टैक्सी (Taxi) का भारी-भरकम किराया देना पड़ रहा है। इन्होंने एचआरटीसी प्रबंधन (HRTC Management) ने रखोटा के लिए रोजाना बस सेवा भेजने और परिचालक की मनमानी पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
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अब रखोटा तक जाएगी बस: मैनेजर
HRTC मंडी डिपो क्षेत्रीय प्रबंधक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि मंडी से यह बस शाम 4.45 बजे रखोटा के लिए चलती है और सुबह 6.30 बजे रखोटा से मंडी आती है। यदि बस का परिचालक इस तरह की मनमानी कर रहा है तो उसके एक्शन लिया जाएगा। वहीं उन्होंने आश्वासन दिया कि शनिवार से बस रोजाना रखोटा तक जाएगी और आने वाले समय में इस बस के रूट को लेकर ग्रामीणों को कोई भी समस्या नहीं होगी।

