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Kangra-Chamba Parliamentary Seat : आज तक किसी ने चंबा से कैंडिडेट उतारने की नहीं की हिमाकत
Lok Sabha Elections 2024 : धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा-चंबा संसदीय सीट (Kangra-Chamba Parliamentary Seat) मूल रूप से दो जिलों में बंटी हुई है। इसमें कांगड़ा जिला का मेजर शेयर है, जिसमें 13 विधानसभा की सीटे इस कांगड़ा जिला से आती हैं। जबकि चार विधानसभा सीटें ही चंबा जिले से शामिल की हुई हैं। यानी कुल 17 विधानसभा सीटों वाली इस कांगड़ा-चंबा संसदीय सीट पर जिला कांगड़ा का प्रभुत्व हैं। इस कांगड़ा.चंबा संसदीय सीट के तहत आते 17 विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस का 12 पर कब्जा था,लेकिन एक कांग्रेस विधायक की सदस्यता रद्द हो जाने से ये संख्या अब 11 रह गई है। जबकि पांच पर बीजेपी काबिज है।
बीजेपी ने ब्राह्मण समुदाय को दी तवज्जो
कांगड़ा में कांग्रेस (Congress) के 10 चुने हुए विधायक थे जोकि अब 9 है तो चंबा जिला से दो ही विधायक हैं। मतलब कांगड़ा जिला का इस संसदीय सीट पर प्रभुत्व है। इस नाते वर्ष 1952 से लेकर अब तक किसी भी राजनीतिक दल ने चंबा से कैंडिडेट उतारने की हिमाकत नहीं की। अभी तक सभी दलों ने अपने कैंडिडेट कांगड़ा जिला से ताल्लुक रखने वालों को ही तवज्जो दी। बीजेपी इस सीट पर अपना कैंडिडेट घोषित कर चुकी है। जोकि कांगड़ा जिला के ही रहने वाले हैं तथा ब्राह्मण समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।
पांच मर्तबा ब्राह्मण कैंडिडेट ने जीत दर्ज करवाई
जातीय समीकरणों की बात करे तो राजपूत, ब्राह्मण मुख्यधारा में आते हैं। जबकि तीसरे नंबर पर ओबीसी समुदाय आता है। वर्तमान हालात की बात करें तो ब्राह्मण के सामने ब्राह्मण की काट देना वक्त की जरूरत है। वर्ष 1980 से लेकर अब तक कुल 11 मर्तबा लोकसभा के चुनाव हुए। जिनमें जातीय समीकरण की बात करें तो सबसे ज्यादा पांच मर्तबा यहां से ब्राह्मण कैंडिडेट ने जीत दर्ज करवाई। जबकि राजपूत वर्ग से ताल्लुक रखने वाले कैंडिडेट यहां से दो मर्तबा महाजन भी दो बार, ओबीसी एक व गद्दी समुदाय के कैंडिडेट ने भी एक ही बार जीत दर्ज करवाई।
इस मर्तबा भी बीजेपी का कैंडिडेट ब्राह्मण
कुल मिलाकर इस सीट पर ब्राह्मण समुदाय (Brahmin Community) के कैंडिडेट ही जातीय समीकरण के हिसाब से आगे आकर जीतते रहे। इसलिए इस मर्तबा भी बीजेपी (BJP) ने ब्राह्मण समुदाय के व्यक्ति को ही अपना कैंडिडेट बनाया है। यहां इस बात का जिक्र करना भी जरूरी है कि वर्ष 1980 से लेकर कुल 11 बार हुए चुनाव में बीजेपी सात मर्तबा तो कांग्रेस ने चार मर्तबा ही जीत दर्ज करवाई है।

