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ऊना में नई व्यवस्था- हेलमेट और उपयुक्त नंबर प्लेट के बिना नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल
No Petrol-diesel with out Helmet: ऊना जिले में हेलमेट और उपयुक्त नंबर प्लेट (Helmet and appropriate number ) के बिना पेट्रोल पंपों पर गैस-पेट्रोल-डीजल (Gas-Petrol-Diesel) नहीं दिया जाएगा। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं डीसी जतिन लाल (DC Jatin Lal)ने इसे लेकर आदेश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को पंपों पर पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। यह आदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को जारी किए गए हैं।
स्वच्छता और सुविधाओं का रखना होगा ध्यान
जिला ऊना के पेट्रोल पंपों (Petrol Pumps)पर मंगलवार को जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए आदेश के बाद नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। सोमवार देर शाम जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए जिला के सभी पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट और बिना जायज नंबर प्लेट के वाहन चालकों को पेट्रोल और डीजल नहीं देने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही पेट्रोल पंप संचालकों को भी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत इस आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इतना ही नहीं स्वच्छता और सुविधाओं (Sanitation and amenities)की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। पेट्रोल पंपों पर सार्वजनिक शौचालय (Public Toilets)की सफाई और रखरखाव नियमित रूप से किया जाए। यह सुविधा आम जनता के लिए निःशुल्क है, और किसी भी तरह की पाबंदी या वॉशरूम में ताले लगाने की शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
टोल फ्री नंबर 1077 पर दर्ज कर सकते हैं शिकायत
डीसी जतिन लाल ने कहा कि जन सुरक्षा के तहत यह निर्णय लिया गया है। इससे ना केवल लोगों में हेलमेट पहनने की आदत बनेगी बल्कि बिना नंबर प्लेट वाहन लेकर जिला में आपराधिक वारदातों को अंजाम देने वालों पर भी लगाम कसी जा सकेगी। डीसी ने कहा कि आम जनता इन शिकायतों को जिला प्रशासन के हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 1077 पर दर्ज करा सकती है। डीसी जतिन लाल ने स्पष्ट किया है कि इन आदेशों की अवहेलना करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पेट्रोल पंप संचालकों से अपील की कि वे सुरक्षा और सार्वजनिक सुविधा के इन निर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन करें ताकि जिले में खतरे की किसी भी आशंका का निर्मूलन हो सके और कानून व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
सुनैना जसवाल

