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दिवाली पर सुरक्षा का सख्त पहरा: DGP के निर्देश- ओवरस्पीडिंग, हुड़दंग और नशे के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान
Himachal Police: दिवाली पर्व के दौरान प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सड़क हादसों को रोकने और आगजनी जैसी घटनाओं से निपटने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) अशोक तिवारी ने सभी जिलों के SP को बाजारों, धार्मिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और गश्त बढ़ाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। DGP ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था की सीधी जिम्मेदारी संबंधित जिलों के SP की होगी और उन्हें खुद फील्ड में उतरकर तैयारियों का निरीक्षण करना होगा। सभी SP को 7 नवंबर तक पुलिस मुख्यालय में अनुपालना रिपोर्ट सौंपनी होगी।
हुड़दंग, ओवरस्पीडिंग और नशा तस्करों पर कसा जाएगा शिकंजा
दिवाली के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस विशेष चेकिंग अभियान चलाएगी। DGP ने साफ निर्देश दिए हैं कि शराब पीकर गाड़ी चलाने (Drink and Drive), ओवरस्पीडिंग और रैश ड्राइविंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। अवैध शराब, जुआ और चिट्टा तस्करों के खिलाफ पुलिस का अभियान और तेज किया जाएगा। सोशल मीडिया पर माहौल खराब करने, अफवाह फैलाने और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वाले असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जाएगी।
ट्रैफिक, पार्किंग और पटाखों की सुरक्षा पर जोर
त्योहारी सीजन में बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ और ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए सुचारू पार्किंग व यातायात प्लान लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, पटाखा बिक्री और आतिशबाजी के दौरान आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन और अग्निशमन (Fire) विभाग के साथ तालमेल बिठाया जाएगा। संवेदनशील और आग के जोखिम वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
ERSS-112 पूरी तरह एक्टिव, महिलाओं व बुजुर्गों की सुरक्षा प्राथमिकता
DGP अशोक तिवारी ने आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ERSS-112) को 24 घंटे पूरी तरह सक्रिय रखने के आदेश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आम जनता, व्यापारियों और बाजार समितियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने तथा नागरिकों के साथ शालीनता व संवेदनशीलता से पेश आने की हिदायत दी है, जिससे लोग बिना किसी असुविधा के त्योहार मना सकें।
जमीन पर दिखेगी पुलिस की तैयारी
सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी ADG/CID और रेंज के IG/DIG अधिकारियों को सौंपी गई है। DGP ने कहा कि पुलिस की मुस्तैदी का आकलन कागजी निर्देशों या बैठकों से नहीं, बल्कि जमीन पर की गई जमीनी कार्रवाई, रोकी गई अप्रिय घटनाओं और आपात स्थिति में पुलिस के रिस्पांस टाइम (कार्रवाई की गति) से होगा।उन्होंने प्रदेशवासियों से सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से दिवाली मनाने की अपील की है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना देने को कहा है।
