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शिमला जिला परिषद में बीजेपी ने रचा इतिहास: भूपेंद्र सिसोदिया चेयरमैन और भरत सिंह कलांटा बने वाइस चेयरमैन
Shimla Zila Parishad: शिमला जिला परिषद के इतिहास में 26 साल बाद बीजेपी समर्थित नेतृत्व स्थापित हुआ है। करीब 3 महीने 10 दिन (102 दिन) के लंबे इंतजार और सियासी घमासान के बाद आखिरकार शिमला जिला परिषद को अपना चेयरमैन और वाइस चेयरमैन मिल गया है। चुनाव प्रक्रिया में बीजेपी समर्थित भूपेंद्र सिंह सिसोदिया चेयरमैन और भरत सिंह कलांटा वाइस चेयरमैन निर्वाचित हुए हैं।
एक वोट से तय हुई अध्यक्ष पद की बाजी
25 सदस्यीय शिमला जिला परिषद में बहुमत के लिए 13 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता थी। बेहद कड़े मुकाबले में अध्यक्ष पद के लिए बीजेपी प्रत्याशी भूपेंद्र सिसोदिया को 13 मत मिले, जबकि कांग्रेस समर्थित सुरेंद्र रेक्टा को 10 वोटों से संतोष करना पड़ा। इस चुनाव में 2 मत रिजेक्ट घोषित किए गए। वहीं, उपाध्यक्ष पद पर बीजेपी के भरत सिंह कलांटा ने 14 मत हासिल कर एकतरफा जीत दर्ज की। उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी मीनाक्षी को केवल 10 वोट मिले और 1 मत रद्द हुआ।
निर्दलीय सदस्यों की रही निर्णायक भूमिका
जिला परिषद चुनाव के नतीजों में बीजेपी के पास 11, कांग्रेस के 10 और 4 निर्दलीय सदस्य जीतकर आए थे। ऐसे में किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं था और निर्दलीय सदस्यों का रुख ही अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की कुर्सी तय करने वाला था। अंततः भाजपा ने निर्दलीय सदस्यों को साधकर बहुमत का 13 का आंकड़ा हासिल कर लिया और दोनों प्रमुख पदों पर कब्जा जमाया।
हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद संपन्न हुई प्रक्रिया
चुनाव में लगातार हो रही देरी के कारण मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था, जिसके बाद अदालत के कड़े रुख को देखते हुए आज चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। मौके पर बीजेपी की ओर से राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन, सिकंदर कुमार और विधायक बलवीर वर्मा मौजूद रहे, तो वहीं कांग्रेस की तरफ से पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम रणनीति संभालते दिखे। हालांकि, अंत में बाजी बीजेपी के हाथ लगी।
संजू चौधरी
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