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किसानों ने किया विधानसभा का घेराव : सीएम सुक्खू बोले- किसी भी सूरत में किसानों को उजड़ने नहीं देंगे
Farmers Gheraoed Himachal Vidhansabha: हिमाचल प्रदेश में किसान सभा व सेब उत्पादक संघ ने प्रदेश में जमीनों से हो रही किसानों की बेदखली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हजारों किसानों ने किसान सभा व सेब उत्पादक संघ के बैनर तले विधानसभा ( Himachal Vidhansabha)का घेराव किया। इस दौरान किसानों -बागवानों ने जमीनों से बेदखली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और किसान नेताओं में सरकार पर जमकर हमला बोला है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhwinder Singh Sukhu) किसानों के धरना स्थल चौड़ा मैदान में पहुंचे और किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आश्वासन दिया कि सरकार उनके साथ है। उन्होंने कहा कि वह खुद किसान परिवार से आते हैं। सरकार किसानों और बागवानों को उनकी जमीनों से बेदखल नहीं होने देगी। इस मामले में प्रदेश सरकार कानून के तहत हर संभव मदद का वादा किया गया है।
माता जी आज भी गांव में खेती करती हैं
सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू (CM Sukhwinder Singh Sukhu) ने किसानों को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों और बागवानों का कल्याण सुनिश्चित करना वर्तमान राज्य सरकार की प्राथमिकता है और उन्हें किसी भी सूरत में उजड़ने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन को बचाने के लिए बजट में एग्रीकल्चर लोन इंटरेस्ट सबवेन्शन स्कीम (Agriculture Loan Interest Subvention Scheme)का प्रावधान किया गया है जिसके तहत किसानों की जमीन को नीलाम होने से बचाया जाएगा। इस योजना के तहत तीन लाख रुपये कृषि लोन चुकाने के लिए बैंको के माध्यम से राज्य सरकार वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी (One Time Settlement Policy) लायेगी, जिसके अन्तर्गत मूलधन पर लगने वाले ब्याज का 50 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार देगी और इस योजना पर 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।उन्होंने स्वयं खेतीबाड़ी का काम किया है और उनकी माता जी आज भी गांव में खेती करती हैं। वह किसानों की समस्याओं से भलीभांति परिचित हैं और उनका समाधान करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।इस दौरान सीएम सूक्खू के साथ राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी व शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर भी मौजूद रहें।
गरीब किसानों की रोजी-रोटी खतरे में
ठियोग के पूर्व विधायक और किसान नेता राकेश सिंघा ने कहा कि प्रदेश में गरीब किसानों की रोजी-रोटी खतरे में है। कोर्ट के आदेशों की आड़ में किसानों को बेदखल किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से किसानों की रक्षा की मांग की है। सिंघा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सरकार चाहे किसानों की रक्षा करे या न करे, किसान अपनी रक्षा खुद करेंगे। वे प्रदेश में इतना बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे कि वह सरकार को अपनी रक्षा करने के लिए मजबूर कर देंगे। उन्होंने कहा कि किसान अपनी एक इंच जमीन भी नहीं छोड़ेंगे।
संजू चौधरी

